विधानसभा में गूंजेगा पावर इंजिनियर्स का मुद्दा : निलय डागा

Estimated read time 0 min read
  • 15 सूत्री मांगों के समर्थन में 13 दिनों से चल रहा है पावर इंजीनियर्स का धरना

सारनी। पॉवर इंजीनियर्स एण्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन का तीसरे चरण का आंदोलन 12 वें दिन भी जारी रहा। सतपुड़ा थर्मल पॉवर प्लांट के गेट नंबर 7 के सामने पॉवर इंजीनियर्स प्रतिदिन एक घंटे धरना, प्रदर्शन कर रहे हैं। पावर इंजीनियर्स के धरने के 12 वें दिन शाम करीब 6:30 बजे अचानक बैतूल विधायक निलय डागा, घोड़ाडोंगरी विधायक ब्रम्हा भलावी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा समेत सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे। पावर इंजिनियर्स की समस्याएं सुनी और निराकरण का भरोसा दिलाया। इस मौके पर बैतूल विधायक निलय डागा ने कहा पावर इंजिनियर्स की मांगे जायज है। कंपनी पावर इंजीनियरों के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा पावर इंजीनियर्स का यह मुद्दा विधानसभा में भी गूंजेगा। जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा युवा इंजीनियरों की उर्जा प्रदेश के विकास में लगाने के बजाय मौजूदा सरकार युवा इंजीनियरों को धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर कर रही है। इसी से सरकार की कथनी और करनी का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिले के चारों विधायक इस मुद्दे को प्रमुखता से विधानसभा में रखेंगे। गौरतलब है की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर पॉवर इंजीनियर्स 19 जनवरी से आंदोलनरत है। 1 फरवरी से आंदोलन का यह तीसरा चरण चल रहा है।  एसोसिएशन के निर्णय अनुसार 1 से 21 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 5:30 बजे के बाद एक घंटे धरना, प्रदर्शन चल रहा है। शुक्रवार को धरने पर बैठे पॉवर इंजीनियर्स एण्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश प्रचार सचिव सुनील सरियाम ने कहा कंपनी की इस भेदभाव पूर्ण दोहरी नीति से युवा इंजीनियर आहत है। कंपनी युवा विद्युत कर्मियों को सरकार के खिलाफ भड़का रही है। अगर कंपनी के यही मंशा है तो युवा विद्युत कर्मी इसके लिए भी तैयार है। एसोसिएशन के प्रदेश प्रचार सचिव सुनील सरियाम ने बताया हमारा यह आंदोलन 7 चरणों में चलेगा। आंदोलन के तीसरे चरण का यह 12 दिन था। आगामी दिनों में अनशन, कैंडल मार्च, कार्य का बहिष्कार और फिर आखरी में अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।प्रदर्शन स्थल पर योगेंद्र ठाकुर, सतीश बघेल, सोहनलाल कहार, जय साहू, जितेन्द्र कवाड़े, अरूण उईके, निशांत राठौर, अमित बंसोड़े, जगदीश साहू, आशीष यादव, दीपक मालवीय समेत अन्य इंजीनियर्स उपस्थित थे।

More From Author

+ There are no comments

Add yours