तीन दिवसीय कार्यशाला में बताया लोकगीत का महत्व

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  • जनपद पंचायत भैंसदेही के सीईओ ने वितरित किए प्रमाण पत्र

भैंसदेही। कोरकू समाज की  परंपराओं को जानने  के उद्देश्य से उत्कृष्ट बालक छात्रावास भैंसदेही में 9 से 11 फरवरी तक तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कोरकू समाज की परंपरागत, रूढ़ीवादी संस्कृति, रीति रिवाज अंतर्गत विभिन्न त्योहारों, शादी समारोह, विभिन्न पूजा पद्धति व मौसम अनुसार गाए जाने वाले गीतों का महत्व बताया। कोरकू समाज से संबंधित रूढ़िवादी परंपरा लोकगीत को कोरकू भाषा में लिखकर उसका अर्थ व्याख्या कर संकलन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न गांव क्षेत्र से कोरकू समाज के प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपना क्षेत्र अनुसार लोकगीत, व नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंतिम दिन विकास खंड शिक्षा अधिकारी जीसी सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भैंसदेही के जनपद सीईओ एस एन रघुवंशी ने प्रमाण पत्र वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आदिवासी कोरकू उन्नतिशील समाज संगठन के जिला संरक्षक कुशराज डिकारे, उपाध्यक्ष मुंगीलाल कासदा, पुना सिंह ढिकार,  ब्लॉक अध्यक्ष  रामसू डिका, उपाध्यक्ष सुरेश भुसुमकर, संरक्षक साहबलाल कासदा सहित विभिन्न गांव से आए हुए प्रतिभागी सम्मिलित हुए। उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जनजाति अनुसंधान केंद्र एवं संस्था की श्रीमती रोजमेरी मांघी, सहायक अनुसंधान अधिकारी भोपाल के दिशा निर्देश अनुसार तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बैतूल श्रीमती शिल्पा जैन के मार्गदर्शन और आदिवासी कोरकू उन्नतशील समाज संगठन के सहयोग से रीति रिवाज संजोने ने यह कार्यशाला आयोजित की गई।

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