बैतूल। जिले में एक बार फिर टाइगर देखा गया है. टाइगर के चोपना क्षेत्र की तरफ बढ़ने से एसटीआर की टीम और ग्रामीण दोनों ही परेशान दिखाई दे रहे हैं, हालांकि किसी भी ग्रामीण से अब तक टाइगर का सामना नही हुआ है, यह ज़रूर है कि टीम सतत निगरानी में लगी हुई है और ग्रामीणों को भी लगातार जागरूक करने के लगी हुई है. ट्रेसिंग के लिए लगाए गए कैमरे में टाइगर की फोटो भी आई है.
टाइगर की तलाश में एसटीआर का अमला दो हाथियों की मदद से टाइगर को वापस सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में ले जाने के भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन टाइगर कभी चकमा दे कर जंगल में गायब हो जाता है, यही नहीं खेती के कार्य मे लगे ग्रमीणों की मौजूदगी भी टाइगर को खदेड़ने में परेशानियां खड़ी कर रही है.

टाइगर की मूवमेंट
टीम द्वारा लगातार टाइगर की कॉलर आईडी और डिवाइस की मदद से लोकेशन ली जा रही है और हाथी भी उसे वापस बफर जोन में खदेड़ भी रहे हैम, लेकिन टाइगर बफर जोन में जाने की बजाय सारनी रेंज के बादलपुर और उसके आसपास के इलाकों में ही घूम रहा है.

टाइगर की मूवमेंट
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सारनी रेंज के कंपार्टमेंट क्रमांक 415 में टाइगर की लोकेशन पाई गई है. उसकी लोकेशन मिलने के बाद आस-पास हाथियों के साथ एसटीआर की टीम पहुंच गई और निगरानी रखी जा रही है. बताया गया है कि चोपना से सटे कंपार्टमेंट क्रमांक 415 में टाइगर के मौजूद होने से ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
सूत्रों के मुताबिक दिन भर आराम करके हाथी चोपना क्षेत्र के झोली ग्राम होते हुए बादलपुर की तरफ रवाना हो गए हैं. दिन में आ रही परेशानियों को देखते हुए टीम हाथियों की मदद से रात में टाइगर को खदेड़ने का काम करेगी, ताकि टाइगर ग्रामीण इलाकों से दूर जंगल की तरफ निकल सके.
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