- मातृत्व मृत्यु पर रहेगा जीरो टॉलरेंस, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित
बैतूल। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की संयुक्त समीक्षा करते हुए कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार एवं मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी कुपोषित बच्चों का शत-प्रतिशत सर्वे कर निर्धारित संपर्क एप पर सही एवं अद्यतन जानकारी दर्ज की जाए, ताकि बच्चों की स्थिति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने निर्देश दिए कि सीडीपीओ अपने भ्रमण के दौरान कुपोषण के वास्तविक कारणों की जानकारी लें, जिससे बेहतर कार्ययोजना तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशाओं को बच्चों का सही वजन मापने एवं फील्ड स्तर पर दक्षता बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्रों में शत-प्रतिशत बेड ऑक्युपेंसी सुनिश्चित करने, कुपोषित बच्चों का 12 सप्ताह तक नियमित फॉलोअप लेने तथा आंगनवाड़ियों में बच्चों को थर्ड मील अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ सोनवणे ने कहा कि कुपोषण के विभिन्न कारणों को समझकर बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए कारण आधारित कार्यवाही की जाए। बैठक में डॉ. आशीष ठाकुर ने बताया कि बच्चों के अत्यधिक कम वजन के पीछे मातृत्व स्वास्थ्य की अनदेखी एक प्रमुख कारण है। उन्होंने गर्भधारण से लेकर प्रसव तक मातृत्व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सीमेम कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कुपोषित बच्चों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए। भूख जांच, एमोक्सिलिन दवा परीक्षण एवं अन्य गतिविधियों में कमी पाए जाने पर प्रभातपट्टन सीडीपीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं समुदाय आधारित गतिविधियों, नाश्ता एवं गर्म पका भोजन कार्यक्रम में खराब प्रदर्शन पर शाहपुर, भैंसदेही एवं घोड़ाडोंगरी सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा प्रगति नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत प्रस्तावित 66 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ सोनवणे ने भूमि आवंटन कर शीघ्र कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्वीकृत बाल सुलभ शौचालयों की दो दिवस में प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एएनसी पंजीयन में कम प्रगति पर बीएमओ को नोटिस
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मैदानी स्तर पर मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन में कम प्रगति पाए जाने पर भीमपुर, चिचोली एवं बैतूल के बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की चेकअप, फॉलोअप एवं डिलीवरी की व्यवस्थित ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मातृत्व मृत्यु पर रहेगा जीरो टॉलरेंस
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने मॉडरेट एवं सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं प्रबंधन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कोई भी एनीमिक महिला चिन्हांकन से न छूटे। उन्होंने कहा कि मातृत्व मृत्यु के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने होम बेस्ड न्यू बॉर्न केयर की शत-प्रतिशत एंट्री एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ब्लॉकवार पूर्ण टीकाकरण कवरेज की समीक्षा करते हुए सभी बीएमओ को गंभीरता से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टीकाकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कम प्रगति पर भीमपुर बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा सभी बीएमओ को चाइल्ड डेथ रिव्यू शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए।
एसएनसीयू टीम की सराहना
बैठक में एसएनसीयू के सफल उपचार एवं डिस्चार्ज की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने प्री-मैच्योर एवं अतिकम वजन वाले बच्चों के सफल उपचार के लिए नोडल अधिकारी डॉ. आशीष ठाकुर एवं उनकी पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से कार्य करने से शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं की बेहतर सेवाओं के प्रति जरूरतमंद एवं कमजोर वर्गों का विश्वास मजबूत होता है।
बैठक में सहायक कलेक्टर श्री पुष्पराज खोट, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज हुरमाड़े, सिविल सर्जन डॉ जगदीश घोरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री गौतम अधिकारी सहित सभी बीएमओ, सीडीपीओ एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहें।
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