MP में बोर्ड एग्जाम के पहले होंगे प्रैक्टिस एग्जाम

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  • DPI से बनकर आएंगे दो-दो सेट क्वेश्चन पेपर, DEO करेंगे स्कूलों का इंस्पेक्शन

मध्य प्रदेश में फरवरी में हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के एग्जाम होने हैं। अब 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्जाम से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं की तैयारी के लिए जनवरी का शेड्यूल जारी कर दिया है। 8 से 13 जनवरी के बीच स्टूडेंट्स के लिए प्रैक्टिस एग्जाम कंडक्ट किए जाएंगे। दरअसल, मध्य प्रदेश में 10ववीं के बोर्ड एग्जाम 5 से 28 फरवरी के बीच होने हैं। वहीं, 12वीं के एग्जाम 5 फरवरी से 5 मार्च, 2024 के बीच होंगे।

9वीं से 12वीं के क्वेश्चन पेपर लोक शिक्षण संचालनालय से आएंगे
बोर्ड एग्जाम से पहले शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों के लिए ये शेड्यूल स्टूडेंट्स को फाइनल एग्जाम का रिहर्सल कराने के लिए प्री-बोर्ड्स की तर्ज पर प्रैक्टिस एग्जाम कराए जाएंगे। इसके लिए 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए लोक शिक्षण संचालनालय से बनकर आए क्वेश्चन पेपर्स स्कूलों को दिए जाएंगे।

स्कूल को तैयार करने होंगे दो-दो सेट क्वेश्चन पेपर
इसके अलावा ऐसे सब्जेक्ट्स जिनके पेपर लोक शिक्षण संचालनालय से बनकर नहीं आएंगे, उन सब्जेक्ट्स के लिए स्कूलों में ही दो-दो सेट क्वेश्चन पेपर तैयार किए जाएंगे। स्कूल प्रिंसिपल को स्कूल में ही माध्यमिक शिक्षा मंडल की मार्किंग को ध्यान में रखते हुए क्वेश्चन पेपर के साथ हर सवाल का आंसर भी तैयार कराना होगा।

पेपर सॉल्व करने के बाद क्लास में होगा डिस्कशन, डाउट क्लियर कर सकेंगे
स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक 8 से 13 जनवरी के बीच हर दिन 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स को सैंपल पेपर के जरिए फाइनल एग्जाम का रिहर्सल कराया जाएगा। शेड्यूल के हिसाब से हर सब्जेक्ट के पेपर से एक दिन पहले स्टूडेंट्स को उस सब्जेक्ट के सैंपल पेपर दे दिए जाएंगे और उन्हें सॉल्व करने के लिए 1 दिन का समय दिया जाएगा।

स्टूडेंट्स घर पर भी ये पेपर सॉल्व कर सकेंगे। अगले दिन क्लास में सब्जेक्ट टीचर स्टूडेंट्स के साथ पेपर का डिस्कशन करेंगे और उनके डाउट दूर करेंगे। इसके लिए दो पीरियड को मिलाकर स्पेशल क्लास पेपर डिस्कशन क्लासेस लगाई जाएगी।

15 जनवरी से होगा आंसर शीट का इवैल्यूएशन
इन परीक्षाओं के बाद 15 जनवरी से फरवरी में बोर्ड एग्जाम शुरू होने तक स्टूडेंट्स की आंसर शीट का इवैल्यूएशन किया जाएगा। टीचर को हर स्टूडेंट के कमजोर पॉइंट्स का एनालिसिस कर उसे इम्प्रूव करना होगा। इसे दौरान स्कूल में सभी क्लासेस रेगुलर टाइम टेबल के हिसाब से ही चलेंगी।

C, D, E ग्रेड वाले स्टूडेंट्स पर खास ध्यान दिया जाएगा
स्कूलों को फाइनल एग्जाम से पहले इन प्रैक्टिस एग्जाम में शामिल हुए स्टूडेंट्स का क्लास वाइज, सब्जेक्ट वाइज और स्टूडेंट वाइज रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसके अलावा स्कूल प्रिंसिपल को 9वीं से 12वीं तक के ऐसे स्टूडेंट्स का रिकॉर्ड अपने पास रखना होगा, जिन्होंने किसी भी सब्जेक्ट में C, D या E ग्रेड हासिल किया हो। डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन की लोक शिक्षण आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव ने कहा है कि इस रिकॉर्ड की रेगुलर मॉनिटरिंग की जाएगी।

DEO करेंगे स्कूलों का इंस्पेक्शन
परीक्षा की तैयारी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के लिए भी टार्गेट तय किया गया है। प्रैक्टिस एग्जाम के दौरान DEO को जिले में 10 स्कूलों का इंस्पेक्शन भी करना होगा। इंस्पेक्शन के बाद DEO अपनी रिपोर्ट भी भेजंगे।

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