बौद्धिक संपदा अधिकार पर राष्ट्रीय वेबीनार का हुआ आयोजन 400 से अधिक प्रतिभागी जुड़े

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सारनी। शासकीय महाविद्यालय सारनी में मध्यप्रदेश सरकार उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशन में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ प्रमिला वाधवा एवं प्रभारी डॉ. शोभना जैन वरिष्ठ प्राध्यापक के मार्गदर्शन बौद्धिक संपदा,,अधिकार  पर राष्ट्र स्तरीय वेबीनार गूगल मीट एवं यूट्यूब के माध्यम से संपन्न हुआ। इस वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में उच्च शिक्षा  संस्थान डॉ अजय कुमार भारद्वाज एवं डॉ. मनीष शर्मा रहे। डॉ. अजय कुमार भारद्वाज ने बौद्धिक संपदा के अधिकार के अंतर्गत  राइट ट्रेडमार्क एवं पेटेंट के बारे में विस्तृत रूप से बनाया उन्होने बताया कि जिस प्रकार चल अचल संपत्ति के अधिकार होते हैं। ठीक उसी प्रकार से बौद्धिक सम्पदा अधिकार होते हैं।यदि किसी रूप में इन अधिकारों का हनन होता है तो इसके विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जा सकती है। सात ही उन्होने बताया कि वैज्ञानिक,साहित्यिक एवं कलात्मक क्षेत्र में इन अधिकारों को जानने पर विशेषबल दिया। वेबीनार के द्वितीय वक्ता डॉ. मनीष शर्मा  जो की इस शासकीय महाविद्यालय के एनएए सी के मेंटर भी है। जिन्होने शासकीय महाविद्यालय सारनी को एनएएसी प्रथम चरण के 52 महाविद्यालयों की सूची में शामिल होने पर बधाई देते हुए किस प्रकार हम इससे बेहतर तैयारी कर सकते हैं तथा उच्च ग्रेड प्राप्त कर महाविद्यालय का विकास किया जा सकता है एवं नवीन पाठ्यक्रम तैयार कर छात्र छात्राओं को शोध क्षेत्र में प्रोत्साहित कर सकते हैं जिसके बारे में बताया साथी उन्हें आत्मनिर्भर भारत एवं मध्यप्रदेश में पेटेंट की भूमिका को स्पष्ट किया उन्होंने कहा कि पेटेंट को बढ़ावा देकर अधिक आय की जा सकती है इसका प्रयोग आत्मनिर्भर होने के लिए किया जा सकता है। श्री शर्मा ने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए शोध को बढ़ावा देने का जोड़ दिया शासकीय महाविद्यालय बगडोना की प्राचार्य प्रमिला वाधवा ने बौद्धिक संपदा अधिकार के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए भारत में इस अधिकार के बारे में जागरूकता की कमी होने के कारण पेटेंट में कमी होना बताया साथ ही बताया की जागरूकता बढ़ाने हेतु इस वेबीनार का आयोजन किया गया प्रभारी डॉ जैन ने मुख्य वक्ताओं देश के कोने कोने से जुड़े प्रतिभागियों एवं समस्त महाविद्यालय स्टाफ एवं तकनीकी सहायकों का आभार व्यक्त किया वेबीनार का संचालन रश्मि रजक, प्रदीप पंदाम सहायक प्रधानाध्यापक अर्थशास्त्र इस राष्ट्रीय वेबीनारू में 400 से अधिक प्रतिभागी जुड़े।

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