सारनी। भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष किशोर मोहबे ने वार्ड क्रमांक 21 से तात्कालिक समय पर निर्वाची पूनम भारती के निर्वाचन को जाति प्रमाण पत्र के आधार पर शून्य घोषित किए जाने के आधार वार्ड में पुन:चुनाव कराने की मांग पर उनके वकील द्वारा मामला न्यायालय में होने का हवाला देते हुए विज्ञप्ति के माध्यम से यह अवगत कराया की जाति प्रमाण पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है, जिसके तहत निर्वाचित पार्षद अपना कार्यकाल पूरा करेगी। पर पलटवार करते हुए मोहबे ने कहा की क्या तात्कालिक कलेक्टर द्वारा तात्कालिक समय पर निर्वाचन शून्य घोषित किए जाने पर मामला दायर किए जाने पर कलेक्टर अथवा माननीय न्यायालय ने कोई स्थगन दिया है, इसका उल्लेख किया जाना चाहिए अगर नहीं दिया गया है तो निर्वाचन शून्य घोषित होने पर चुनाव पुन:होना चाहिए। स्थगन नहीं होने पर तात्कालिक पार्षद किसी प्रकार से नगर पालिका अथवा वार्ड के प्रतिनिधि के तौर पर कोई लाभ भी प्राप्त नहीं कर सकते, अगर तात्कालिक पार्षद का निर्वाचन शून्य नहीं है तो नगरपालिका द्वारा उन्हें नियमानुसार वेतन प्रदान करना चाहिए। उन्होंने कहा की अगर अप्रवासी मध्य प्रदेश के किसी एससी, एसटी वर्ग के व्यक्ति का मध्यप्रदेश से जाति प्रमाण पत्र के आधार पर इस वर्ग हेतु उल्लेखित समुचित राजनैतिक लाभ जैसा की पार्षद के वकील ने उल्लेख किया है। प्राप्त होता है तो उसका स्वागत है, उन्होंने पार्षद के वकील से उक्त जाति प्रमाण पत्र सार्वजनिक किए जाने की मांग करते हुए उनके सम्मान की बात कही है। क्योंकि ऐसा होने से अप्रवासी हजारों एससी, एसटी वर्ग के हमारे भाई बहन जो जाति प्रमाण पत्र के अभाव में उड़ीसा, पश्चिम बंगाल( नमोच्छुद्र) से जब आकर मध्यप्रदेश में निवास कर रहे है पर चुनाव में भाग नहीं ले पाते भी आरक्षित वर्ग से चुनाव में भाग ले सकेंगे, जिससे इस वर्ग की बहुमखी प्रतिभा को अपना राजनैतिक कौशल दिखाने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा की अगर किसी नियम के तहत मध्यप्रदेश में बाहर से आकर निवास कर रहे हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के वंचित लोगो को मध्यप्रदेश में बने जाति प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ मिलता है तो सराहनीय है और निर्वाचन शून्य घोषित तात्कालिक पार्षद के वकील बधाई के पात्र है, परन्तु महज आरक्षित वर्ग के पात्र लोगो का हक मारकर सुर्खियां बटोरने के बजाय कांग्रेस के पार्षदों, वकील को वार्ड 21 के पार्षद के माननीय न्यायालय में प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र को अप्रवासी एससी, एसटी वर्ग के हित में प्रचलित प्रावधानों के तहत सार्वजनिक करने की चुनौती स्वीकारना चाहिए। जिससे समुचित अप्रवासी एससी, एसटी वर्ग के मध्य प्रदेश से ही अधिकृत मान्य जाति प्रमाण पत्र बनने का मार्ग प्रशस्त हो सके।
वार्ड 21 की पार्षद के जाति प्रमाण पत्र को किया जाये सार्वजनिक – किशोर मोहबे
Posted on by Vishal
Estimated read time
0 min read
+ There are no comments
Add yours