ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएँ होगी स्वयं अपने उद्योग की मालिक, परियोजना चर्चा कार्यक्रम आयोजित

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सारनी। जय किसान संस्थान समन्वय समिति ग्रामीण आजीविका उत्थान मिशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा नई दिल्ली को 25 ग्राम की आजीविका स्व सहायता समूह की महिलाओं हेतु ग्राम भारती महिला मंडल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जय किसान परियोजना में स्वसहायता समूह के सदस्यों को सामुदायिक व्यवसाय से जोड़ने हेतु प्रेरित करने कार्य को स्थानीय स्तर पर जय किसान संस्थान नई दिल्ली द्वारा प्रशिक्षण प्रदान कर ग्रामीण स्तर पर ही स्वरोजगार से जोड़ने का काम ग्राम भारती महिला मंडल के द्वारा किया जाएगा। जानकारी देते हुए ग्राम भारती महिला मंडल की संस्थाध्यक्ष भारती अग्रवाल ने बताया कि प्रशिक्षण उपरांत महिलाओं को  स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होगें तथा क्षेत्र की महिलाओं, कृषको को फसलों का उचित मूल्य प्राप्त होगा। परियोजना अंतर्गत कार्यक्रम से जुड़ने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया
जाएगा प्रशिक्षण अवधि 3 माह की होगी ग्राम स्तर पर ही कलेक्शन सेंटर पर ही उपज एवं उत्पादन सामग्री एकत्रित होगी गॉव के कलेक्शन सेंटर से उत्पाद को एकत्रित कर ब्लाक या स्थित क्लस्टर पर पहुंचाया जाएगा। जय किसान संस्थान के द्वारा प्रत्येक महिला को 25 हजार रूपये एडवांस स्वरोजगार हेतु ऋण राशि स्वरूप दी जायेगी। ऋण की राशि का 90 दिन की समयावधि में कृषि उत्पाद के रूप में वापस करना होगा। यह प्रक्रिया सतत् चलते रहेगी। कार्यक्रम में महिलाओं को व्यवसाय करने के तरीके एवं अवसर बताये गये। ग्राम भारती महिला मंडल संस्था अध्यक्ष श्रीमती अग्रवाल द्वारा बताया गया ग्रामीण क्षेत्र की महिलायें कृषि कार्य में आत्मनिर्भर बन सकें इस उद्देश्य के तहत घोड़ाडोंगरी ब्लाक के 25 गाँव से 25 सौ महिलाओं को व्यवसाय का सीधा लाभ मिलेगा । साथ ही महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होगें। आजीविका मिशन स्वसहायता समूह की महिलायें एवं आदिवासी अंचल में रहने वाली किसान महिलाएं भी अब आत्मनिर्भर बनें और स्वयं का रोजगार खड़ा कर सकें यह सभी कार्य जय किसान संस्थान नई दिल्ली एवं ग्राम भारती महिला मंडल के सहयोग से सपने को साकार करने का प्रयास किया जा रहा हैं।

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