- सुबह 8 से रात 10.30 तक खरीदारी के शुभ मुहूर्त, बदलेगी शनि की चाल
आज शनि पुष्य योग सुबह 8 बजे से शुरू हो रहा है जो पूरे दिन रहेगा। हर तरह की खरीदारी, नई शुरुआत और कारोबार के लिहाज से पूरा दिन खास रहेगा, क्योंकि पुष्य, शनि का नक्षत्र है और आज शनि की चाल बदल रही है। जिसका फायदा सभी राशियों को मिलेगा। आज पुष्य नक्षत्र के साथ शंख, लक्ष्मी, शश, हर्ष, सरल, साध्य, मित्र और गजकेसरी योग भी बन रहे हैं। इन 8 शुभ योगों के साथ ही पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि अपनी ही राशि में रहेगा। इन शुभ संयोग में की गई खरीदारी और प्रॉपर्टी में निवेश लंबे समय तक फायदा देगा।
नई शुरुआत, नया वाहन और प्रॉपर्टी खरीदने का दिन
शनिवार और पुष्य नक्षत्र को खरीदारी से लेकर पॉलिसी बैंकिंग तक हर चीज के लिए शुभ माना जाता है। नया बिजनेस या प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए भी ये बहुत खास मौका होता है। इस दिन किसी भी खास काम की शुरुआत करने से फायदा होगा। इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी, संपत्ति, भवन, भूमि, इन्वेस्टमेंट, पॉलिसी, मूर्तियां, चांदी-सोने के सिक्के, आभूषण आदि की खरीदारी की जा सकती है।
शनि होगा मार्गी, 12 राशियों पर होगा असर
पिछले 140 दिनों से शनि कुंभ राशि में ही वक्री था यानी उल्टा चल रहा था। इसे ही ज्योतिष में वक्री होना कहते हैं। आज दोपहर करीब 12.30 से ये अपनी सामान्य गति से आगे की ओर चलने लगेगा। जिसे मार्गी होना कहते हैं। इसका असर सभी 12 राशियों पर भी होगा। कई लोगों को शनि के प्रभाव से राहत मिल सकती है।
पुष्य नक्षत्र और शनि की चाल में बदलाव, बिजनेस में मजबूती का संकेत
बनारस के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र का कहना है कि अभी शनि अपनी कुंभ राशि में है। जो कारखानों के लिए हर तरह से फायदेमंद रहने वाला है। विदेशी मदद से देश की उत्पादन क्षमता बढ़ने के संकेत हैं। शनि और पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर में भी तेजी आने की संभावना है। ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में भी मजबूती के आसार हैं। उत्पादन बढ़ेगा और फोर व्हीलर की खरीदी बढ़ सकती है।
क्या होते हैं नक्षत्र, 27 नक्षत्रों में 8वां पुष्य
पृथ्वी का चक्कर लगाते हुए चंद्रमा के रास्ते में पड़ने वाले तारों का समूह नक्षत्र कहलाता है। कुल 27 नक्षत्र होते हैं, उनमें से पुष्य 8वां है। चंद्रमा 12 राशियों में ही चलता है, ये 27 नक्षत्र 12 राशियों में बंटे हैं। ज्योतिष ग्रंथों के मुताबिक एक राशि में सवा दो नक्षत्र होते हैं। पुष्य नक्षत्र कर्क राशि में आता है। जब चंद्रमा कर्क राशि में 3.20 डिग्री पर आता है तो पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर जाता है। लगभग 26 से 28 घंटे ये इस नक्षत्र में रहता है। जिस दिन चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में आता है उसी दिन के नाम से पुष्य को जाना जाता है जैसे शनिवार पुष्य में चंद्रमा के प्रवेश करने पर शनि पुष्य है। पुराणों में नक्षत्रों को दक्ष प्रजापति की पुत्रियां बताया गया है, जिनकी शादी चंद्रमा से हुई थीं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हर इंसान पर नक्षत्रों का असर पड़ता है।
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