बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल में सोमवार काे ऑटो ड्राइवर की सक्रियता से युवती की जान बच गई। यहां एक युवती सुसाइड करने के लिए रेलवे फाटक के पास पटरी पर खड़ी हाे गई। सामने से ट्रेन आ रही थी। यह देख ऑटो ड्राइवर गया और युवती को पटरी से खींच लिया, तभी ट्रेन आ गई। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि चंद सेकेंड की भी देर हो जाती, तो युवती की मौत तय थी। मामले की शिकायत पुलिस में नहीं की गई है।
घटना सोनाघाटी इलाके में पॉलिटेक्निक कॉलेज की तरफ जाने वाले रास्ते के रेलवे फाटक पर दोपहर करीब 12:30 बजे हुई। इस समय यहां से इटारसी की तरफ जाने वाली संघमित्रा एक्सप्रेस फाटक को क्रॉस करती है। ट्रेन आने का समय होने के कारण फाटक बंद कर दिया गया था। ऑटो ड्राइवर मोहसिन के मुताबिक वह सवारी लेकर सोनाघाटी के तरफ जा रहा था। फाटक बंद होने से वह ऑटो खड़ा कर ट्रेन के गुजरने का इंतजार करता रहा।
इसी दौरान उसने देखा कि एक युवती फाटक के पास खड़ी थी। उसने सफेद दुपट्टा चेहरे पर बांध रखा था। ट्रेन के आने की आवाज सुन वह ट्रैक चली गई। मोहसिन को युवती के हावभाव देख कर शंका हुई।
नौकरी नहीं मिलने और बीमारी से परेशान है
जानकारी के मुताबिक युवती एमबीए पास है। वह लंबे समय से स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही है। जॉब नहीं मिलने से भी परेशान है। इस कारण डिप्रेशन में चल रही है।

ट्रेन की आवाज सुन गेट पार कर पटरी की ओर भागी युवती।
शंका नहीं होती, तो जान नहीं बच पाती
मोहसिन ने बताया कि जैसे ही, ट्रेन तेजी से आगे बढ़ी, युवती बीच पटरी पर जाकर खड़ी हो गई। इस पर मैं उसे बचाने के लिए दौड़ा। उसे पकड़कर खींचने लगा, लेकिन वह हटने को तैयार नहीं थी। जैसे-तैसे उसे पकड़कर हटाया। चंद सेकेंड की सतर्कता से युवती की जान बच गई। इसके बाद उसे बाहर लेकर आए तो वह रोने लगी। उसे समझाया भी, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं थी। फिर युवती ने परिजन के बारे में बताया। परिजनों को फोन कर मौके पर बुलाया। वह युवती को वहां से ले गए। मामले की शिकायत थाने में नहीं की गई है।

ऑटो चालक उसे पकड़कर पटरी से दूर लेकर आया।
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