लोकतंत्र बचाने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले मीसाबंदियो का सम्मान करना गौरव की बात – सांसद

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आपातकाल की 45वीं बरसी पर भाजपा ने किया मीसाबंदियो का सम्मान
मीसाबंदियो ने भी सुनाए संस्मरण
बैतूल।
 आज से 45 साल पहले राजसत्ता के लिए देष की जनता पर आपातकाल लागू कर कांग्रेस और इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या कर दी। तब देष में संघ, जनसंघ सहित विपक्षी दलो के नेताओ को जेलो में ढूंस दिया गया। ऐसे समय जिन लोगो ने लोकतंत्र को बचाने में अग्रणी भूमिका निभाते हुए अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया उनका सम्मान करना गौरव की बात है। उक्त उदगार क्षेत्रीय सांसद दुर्गादास उइके ने जिला कार्यालय विजय भवन में भाजपा द्वारा लोकतंत्र सैनानी (मीसाबंदी) के सम्मान समारोह में व्यक्त किए। समारोह में मीसाबंदी रहे रामचरित्र मिश्रा, सुभाष आहूजा, महेन्द्रनाथ भार्गव, मोतीलाल कुषवाह, सुधाकर आंबेकर का प्रदेष कोषाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ,सांसद दुर्गादास उइके, विधायक डा.योगेष पंडाग्रे ने शाल श्रीफल एवं सम्मान पत्र भेंटकर सम्मान किया। पूर्व में जिले के सभी मंडल अध्यक्षो ने मीसाबंदियो का फूलमालाओ से स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मीसाबंदियो का संघर्ष ही था जिसके कारण देष में लोकतंत्र की रक्षा हो सकी। श्री खंडेलवाल ने युवा पीढी से आपातकाल के दौर का इतिहास पढने की सलाह भी दी। विधायक डा.योगेष पंडाग्रे ने कहा कि आपातकाल के दौरान निरंकुष शासन के खिलाफ ,सरकार के दमन के विरोध में इन सेनानीयो ने आवाज उठाई थी। जिसके परिणाम स्वरूप उन्हे जेलो में बंद कर दिया गया था। डा.पंडाग्रे ने कहा कि भाजपा इन सैनानीयो का सम्मान करती है। इसीलिए षिवराज सरकार ने पंेषन शुरू कर दी थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने पेंषन बंद कर लोकतंत्र की रक्षा करने वालो को अपमानित करने का काम किया था। समारोह में मीसाबंदी रहे पूर्व सांसद सुभाष आहूजा ने अपने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि जितने लोग जेलो में बंद थे उससे कही ज्यादा लोग बाहर रहकर इस काले कानून का विरोध करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होने कहा कि जेलो में बंद मीसाबंदियो के साथ ही उनके परिवारो ने भी इस काले कानून के परिणामो को भुगता था। मीसाबंदी वरिष्ठ भाजपा नेता रामचरित्र मिश्रा ने 25 जुन की रात लागू आपातकाल के बारे में पूरी जानकारी देते हुए बताया कि इंदिरा गांधी ने किस तरह पूरे देष को कारागार में बदल दिया था। मोती लाल कुषवाह ने भी अपने संस्मरण बताए। कार्यक्रम का सफल संचालन जिलाध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला ने एवं आभार नागरिक बैंक अध्यक्ष अतीत पंवार ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में सोषल डिस्टैसिंग का पूरा पालन किया गया।  
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित – आपातकाल की 45वीं बरसी पर आयोजित मीसाबंदियो के सम्मान समारोह में जिले भर के प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिसमें वरिष्ठ नेता रामजीलाल उइके, राजा ठाकुर, जितेन्द्र वर्मा, रमेष मिश्रा, अनिल सिंह कुषवाह, संतकुमार आर्य, गंगा उइके, प्रेमषंकर मालवीय, राजकुमार वर्मा, दीनाजी यादव, पीजे शर्मा, भगवानसिंह भारद्वाज, मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा, विक्रम वैघ, उमाषंकर नीतू पटेल, नीतिन बारस्कर, सुनील पंवार , गोवर्धन राने, रामकिषोर देषमुख,यषवंत यादव,यदूराज रघुवंषी, सुधा चंद्रा, मोहन मोरे, शोभित हनी भार्गव , राजेष हिंगवे, राजेष सोनारे, विजय घोडकी, परसराम खाकरे, मनीष सोलंकी , दिनेष वागद्रे , अनिल उइके, कृष्णा यादव, भूरा यादव, सुनील टेकपुरे, राजेष मेहतो, विजय पाल, राजेष परते, मनीष कुमरे , दुर्गासिंह नायक, मूकेष मालवीय, राजेन्द्र यादव इत्यादि सहित जिले से आए कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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