पुणे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का दौरा किया. प्रधानमंत्री के दौरे के बाद सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा हम अगले दो हफ्तों में कोविशिल्ड के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया में हैं. अदार पूनावाला ने कहा कि हमने पुणे में और अपने नए परिसर मंडारी में सबसे बड़ी महामारी स्तर की सुविधा का निर्माण किया है. यह भी पीएम को यात्रा के दौरान सुविधा और बहुत सारे विस्तृत चर्चाओं के साथ दिखाया गया था.
पूनावाला ने कहा कि अब तक, हमें भारत सरकार की ओर से लिखित में ऐसा कुछ भी नहीं मिला कि वे कितनी खुराक खरीदेंगे लेकिन ये संकेत हैं कि जुलाई, 2021 तक वह 300-400 मिलियन खुराक ले सकते हैं. सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ ने कहा कि टीके और टीके के उत्पादन पर अब प्रधानमंत्री बेहद जानकार हैं. हम हैरान थे कि उनके पहले से ही इसे लेकर काफी जानकारी थी. विभिन्न टीकों और उनकी चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चा करने के अलावा, उन्हें ज्यादा कुछ समझाने की आवश्यकता ही नहीं हुई.
पीएम ने टीके की समीक्षा के लिए की तीन शहरों की यात्रा
वैक्सीन शुरू में भारत में वितरित की जाएगी, फिर हम COVAX देशों को देखेंगे जो मुख्य रूप से अफ्रीका में हैं. एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड द्वारा यूके और यूरोपीय बाजारों का ध्यान रखा जा रहा है. हमारी प्राथमिकता भारत और COVAX देश हैं.
भारत में कोविड-19 के टीके के विकास की समीक्षा के लिये तीन शहरों की यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पुणे पहुंचे. हैदराबाद से पुणे हवाई अड्डे पर शाम करीब साढ़े चार बजे पहुंचने के बाद मोदी हेलीकॉप्टर से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के लिए रवाना हुए. एक अधिकारी ने बताया कि मोदी के एसआईआई दौरे का उद्देश्य कोरोना वायरस के लिए टीके की प्रगति की समीक्षा करना है और इसके लांच के समय, उत्पादन और वितरण व्यवस्था का जायजा लेना है. टीके के विकास के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैश्विक दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ भागीदारी की है.
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