- आत्मविश्वास के साथ आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं स्व सहायता समूहों की महिलाएं
- अब मुख्यमंत्री से बात करने में भी झिझक नहीं रही- दुर्गा पंवार
- समूह की बेहतर साख होने से बैंक ने दिया 5 लाख का प्रथम लिंकेज
बैतूल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भोपाल में स्व सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु के्रेडिट कैंप कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों के स्व सहायता समूहों को 150 करोड़ रूपए की ऋण राशि का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वितरण किया। इस दौरान उन्होंने बैतूल जिले के कुम्हारटेक ग्राम पंचायत में गठित पलक स्व सहायता समूह की राठीपुर निवासी महिला श्रीमती दुर्गा पंवार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। श्रीमती दुर्गा पंवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे गाय पालन, पशुआहार एवं सब्जी उत्पादन जैसे कार्य कर रही हैं। इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान हवन-पूजन सामग्री एवं मास्क निर्माण के कार्य भी हाथ में लिए, जिसके चलते वे एवं उनका समूह आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहा है।
श्रीमती पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्व सहायता समूहों में शामिल महिलाओं को सशक्त एवं समृद्ध करने का परिणाम है कि आज इन समूहों में जुड़ी महिलाएं आत्मविश्वास से भरपूर हैं एवं आर्थिक रूप से भी सक्षम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि समूह में काम करते-करते उनका आत्मविश्वास इतना मजबूत हो गया है कि अब उन्हें मुख्यमंत्री से बात करने में भी कोई झिझक नहीं हो रही है। समूह में शामिल होने से पहले वे घर-गृहस्थी का एवं कृषि कार्य ही करती थीं। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले समूह में शामिल होने पर उन्होंने सबसे पहले 60 हजार, फिर 50 हजार का ऋण लिया एवं सफलतापूर्वक उसको वापस किया। समूह द्वारा बेहतर कार्य करने पर बैंकों में उनकी साख मजबूत हुई है एवं सेंट्रल बैंक द्वारा पांच लाख रूपए राशि का प्रथम बैंक लिंकेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने समूह के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि समूह ने अपनी साख को मजबूत किया है और वह 5 लाख रूपए तक बैंक लिंकेज प्राप्त करने में सक्षम हुआ है। श्रीमती दुर्गा पंवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह पशु आहार निर्माण को और उन्नत बनाना चाहती है। साथ ही उनके द्वारा एक बेरोजगार युवक को दूध शहर तक पहुंचाने के लिए 1500 रूपए प्रतिमाह वेतन भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का आदर्श उदाहरण बने। आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए जाने का आंदोलन चलाया जाए। उनके द्वारा उत्पादित सामग्री को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का भी कार्य होगा। इसके अलावा स्कूल यूनिफार्म एवं आंगनबाड़ी में दिया जाने वाला पोषण आहार तैयार कराए जाने का कार्य भी इन समूहों के माध्यम से कराया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकल को वोकल बनाने के अभियान को सफल बनाने के प्रदेश में परिणाममूलक प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर गांवों को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रभावी प्रयास हों। साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर गांव का पैसा गांव में ही रहे, यह हम सबका प्रयास होना चाहिए।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री राकेश सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी द्वारा पलक स्व सहायता समूह को प्रथम लिंकेज के रूप में 5 लाख रूपए राशि का सांकेतिक चेक भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर बैंक अधिकारी भी मौजूद थे।
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