देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर विशेष लेख
- रंजीत सिह
नरेन्द्र दामोदरदास मोदी,यह नाम सिर्फ भारत के उस प्रधानमंत्री का नहीं है जिसने कि भारत को सशक्त नेतृत्व प्रदान कर संपूर्ण विश्व में सम्मान दिलाने का कार्य किया है बल्कि यह नाम एक ऐसे व्यक्ति का नाम है जिसके मन में मां भारती की सेवा का एक अभूतपूर्व जज्बा है, जो अपने दृढ़ संकल्प से उस कठिन से कठिन कार्य को भी संपन्न करने की क्षमता रखता है जिसे पूर्व के लोग असंभव मानकर छोड़ चुके थे या फिर करने का साहस ही नहीं किया।नरेंद्र मोदी वह नाम है जो सतही तौर पर लोकप्रिय नजर न आने वाली अपनी उन योजनाओं को सख्ती से लागू करता है जिससे भारत के दिशा और दशा में सकारात्मक परिवर्तन हो सके।
17 सितंबर 1950 को जन्मे नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।पिता दामोदरदास मोदी और माता हीराबेन के अति निर्धन परिवार में जन्म लेने वाले बालक के बारे में किसने सोचा था कि एक दिन वह भारत का प्रधानमंत्री बनेगा और इतनी लोकप्रियता हासिल करेगा, लेकिन जो लोग इतिहास बनाने वाले होते हैं, वो बाल्यकाल से ही कुछ अलग होते हैं। महाकवि वृन्द ने कहा भी है:
कुल सपूत जान्यो परौ लखि शुभ लक्षन गात।
होनहार बिरवान के होत चिकने पात।।
इन पंक्तियों को नरेंद्र मोदी ने अपने बचपन से ही चरितार्थ करना शुरू कर दिया और युवावस्था में पारिवारिक बंधनों और आकर्षणों में ना बंधते हुए अपना पूरा समय भारत के कोने-कोने और कण-कण को जानने में व्यतीत किया।
संघ के स्वयंसेवक के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन प्रारंभ करते हुए नरेंद्र मोदी ने भारत के लगभग सभी प्रांतों में जन सामान्य के साथ कार्य किया और उनकी क्षमताओं और मजबूरियों को गहराई से जाना इसी का प्रतिफल है कि चाहे गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में या वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय उनके हर निर्णय में गरीब, शोषित, दलित और सर्वहारा वर्ग सबसे पहले होता है। जनधन खाते, घर-घर में शौचालय, रसोई गैस का वितरण उनकी इसी सोच के परिणाम हैं।
मोदी जी के हृदय में हमेशा से भारत के कृषकों के प्रति अपार श्रद्धा रही है और उनके कठिन जीवन से वे भलीभांति परिचित हैं। इसी कारण उन्होंने किसान हितैषी कई योजनाएं प्रारंभ की और किसानों को सम्मान स्वरूप किसान सम्मान निधि के रूप में ₹6000 वार्षिक देने का कार्य किया।
भारत माता के गौरव के लिए रक्षा करने वाले सैनिक भी हमेशा से मोदी जी के लिए सम्मानीय रहे हैं और जिस प्रकार वे देश के सम्मान की रक्षा करते हैं उसी प्रकार मोदी जी ने भी उनके सम्मान की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और इसी का परिणाम है कि हमारे बहादुर सैनिकों पर आतंकियों द्वारा कायराना हमले का बदला लेते हुए उन्होंने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। रिटायर्ड सैनिकों द्वारा विगत कई वर्षों से वन रैंक वन पेंशन की मांग की जा रही थी इसको भी पूरा करने का कार्य मोदी जी द्वारा किया गया। मोदी जी के सफल नेतृत्व में भारत ने विज्ञान, कृषि, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक हर मुद्दे पर जिस प्रकार प्रगति की है उसके लिए कृतज्ञ राष्ट्र उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करता है और उनके सफल एवं स्वस्थ दीर्घायु जीवन की ईश्वर से कामना करता है।
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