वेकोलि के सभी विभागों के कामगार रहे हड़ताल पर
सारनी। भारत सरकार द्वारा कोल उद्योग में किये जा रहे बदलाव के विरोध के 3 दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन पाथाखेड़ा क्षेत्र में बंद रहाशत प्रतिशत बंद रहा। भारत वर्ष मे कोयला कामगार और उनके श्रमिक संगठन बहुत मजबूत माने जाते है जिसका परिचय फ़ीर एक बार पाथाखेड़ा के श्रमिक संगठन ने दिया। राष्ट्रीय स्तर की पांचो श्रमिक संगठन ने संयुक्त मोर्चा बनाये। इस के बाद संयुक्त मोर्चा को सभी संगठन एसोसिएशन का समर्थन मिला। जिसमें अफसर एसोसिएशन, सिस्टा, एसटी/एससी/ओबीसी कौंसिल, इमोसा (टीएन उपाध्याय), और इमोसा (पी
एन मिश्रा ) दोनों ने और पेंशनर एसोसिएशन जैसे सभी संगठन ने समर्थन किया। यहाँ समर्थन कोयल इण्डिया स्तर पर किया गया। हड़ताल के लिए सयुक्त मोर्चा की अगवाई पाथाखेड़ा क्षेत्र के ही बीएमएस जेबीसीसी आई सदस्य डॉ बसंत कुमार राय कर रहे है। वही प्राप्त जानकारी के अनुसार वेकोलि में भी 2 दिनों से कोयला उत्पादन थप रहा। पाथाखेड़ा मे दूसरे दिन भी खदाने, वर्कशॉप, हॉस्पिटल, महाप्रबंधक कार्यालय, सबस्टेशन सिविल ऑफिस, पम्प हॉउस, सुरक्षा प्रहरी सभी भी शून्य रहा। सभी स्थानों पर अधिकारी और पुलिस प्रशासन ने के सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया। संयुक्त मोर्चा द्वारा सभी स्थानों की जवाबदारी दल बना के दी गई जिसमे यूनिट के स्थान पर श्रमिक संगठन पदाधिकारी के सहयोग के लिए समस्त यूनियन के वरिष्ठ पधादिकारी रहेंगे। वही अतिथि प्रमुख दल मे वरिष्ठ नेता डॉ कृष्णा मोदी, कामेश्वर राय, महेंद्र ठाकुर, दामोदर मिश्रा, एसके उपरीत, प्रमुख सभी संगठन के अध्यक्ष प्रकाश राव, मो. आशिक खान, लक्ष्मण झरबड़े, अमृत लाल, कलिका प्रसाद सहित सभी श्रमिक संगठन के महामंत्री बिजेंद्र सिंह, भरत सिंह, श्रीकांत चौधरी, अशोक नामदेव, अशोक बुंदेला। संयुक्त मोर्चा के क्षेत्रीय पदाधिकारी रणधीर सिंह रघुवंशी, प्रदीप नागले, सादिक रिज़वी, अशोक सेलकारी, धनराज देशमुख, हबीब अंसारी, शमशेर सिंह, विजय रघुवंशी, सुदामा सिंह, यासीन, प्रमोद, मिथलेश, जगदीश डिगरसे, मनीष ठाकुर, महेंद्र यादव, मो. साजिद खान, विजय मिश्रा, सुमित अग्रवाल, कैलाश चौकीकर, इन्द्रेश रघुवंशी, दीपक तुरिया, गणेश प्रसाद, कामदेव चंदेलकर, कृष्णकांत राय, देव बोहरा, एसके लाल, पीसी शुक्ला, पेषु लाल रघुवंशी, मनोज मानकर, एमआर साकरे, विपुल श्रीवास्तव, ओबी एन रेड्डी, खेमचंद, मनीष ठाकुर, श्याम यादव, अनुराग राकेश, हरबजन सिंह, सतनाम सिंह, निजाहद खान सहित बहुत से श्रमिक संगठन के नेताओं की अपील से और कामगारों के श्रमिक संगठन के प्रति विश्वास के कारण सरकार की नीतियों और कोयला खदानों का निजीकरण करने और खुले बाजार मे कोयला बेचने के लिए कमर्शिअल माइनिंग के अहम् मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी है, श्रमिक नेताओं के अनुसार भारत का कोयला मजदूर एक हो गया है सरकार मुद्दों पर पूर्ण विचार करें नहीं तो इसका परिणाम राष्ट्रीय हित उद्योग हित और मजदूर हित के लिए सही नहीं होगा।
डॉ. मोदी ने श्रमिको का किया अभिनंदन
आईएमएफडब्लयू एटक के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कृष्णा मोदी ने समस्त कोलइंडिया के श्रमिकों ने 2 जुलाई एवं 3 जुलाई को भारत सरकार के कोयला उद्योग को बर्बादी के निर्णय के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल के प्रथम एवं द्वितीय दिन शत प्रतिशत हड़ताल की उसी के साथ बैतूल जिले के अंदर भी शत प्रतिशत हड़ताल पर रहे, जिसके अवसर पर सभी का हार्दिक अभिनन्दन करते हुए इसी प्रकार एक दिन की हड़ताल कर कोल उद्योग के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखवाएंगे यही कामना की।
इनका कहना हैं
संयुक्त मोर्चा द्वारा की जा रही हड़ताल दूसरे दिन भी 100% सफल रही, वेकोलि प्रबंधन की सभी खदानों पर उत्पादन ठप रहा। प्रतिदिन के अनुसार हड़ताल के पहले दिन कामगारों के खदान पर नहीं पहुँचने से 4200 टन कोयला उत्पादन बाधित रहा।
राजेश नायर, एपीएम वेकोलि क्षेत्र
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