महिलाओं के अपमान पर कांग्रेस अध्यक्ष का मौन आश्चर्यजनकः राजो मालवीय

Estimated read time 1 min read

भोपाल। कांग्रेस के नेता अपनी बयानबाजी से लगातार मातृशक्ति की अपमान कर रहे हैं। पहले बेटियों के बारे में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी की टिप्पणी और अब केंद्र की एक महिला मंत्री के बारे में कांग्रेस विधायक का बयान बर्दाश्त करने लायक नहीं है। भारत की सबसे पुरानी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती प्रियंका वाड्रा महिला होने के बावजूद ऐसे नेताओं को कैसे बर्दाश्त कर रहीं हैं, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए। इस मामले में कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष जो स्वयं एक महिला हैं, उनका मौन रहना आश्चर्यजनक है। यह बात भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता सुश्री राजो मालवीय ने विदिशा विधायक शशांक भार्गव के बयान की आलोचना करते हुए कही।
महिलाओं का अपमान कांग्रेस की परंपरा और संस्कृति
सुश्री राजो मालवीय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में नारीशक्ति के अपमान की लंबी परंपरा रही है और यह कांग्रेस की संस्कृति बन गई है। इसी परंपरा के तहत नैना साहनी को तंदूर में जलाया दिया जाता है, सरला मिश्रा की जान ले ली जाती है और प्रीति श्रीवास्तव को गाड़ी से रौंदकर मार डाला जाता है। महिलाओं के लिए कभी टंचमाल तो कभी सजावट की वस्तु जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। सुश्री मालवीय ने कहा कि पहले प्रदेश के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर ‘पुत्र के चक्कर में पांच पुत्रियां पैदा हो गई’, वाला बयान दिया, जो बेटियों के प्रति उनकी दोयम सोच को प्रकट करता है। वहीं, अब कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव ने केंद्रीय महिला मंत्री के प्रति जो टिप्पणी की है, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस नेताओं के मन में बहनों, बेटियों और महिलाओं के प्रति गंदगी भरी हुई है, जो समय-समय पर बाहर आती रहती है। उन्होंने कहा कि विधायक शशांक भार्गव ने जो घिनौनी टिप्पणी की है, उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जीतू पटवारी और शशांक भार्गव जैसे नेता किस नजर से महिलाओं को देखते हैं, यह समझा जा सकता है। सुश्री मालवीय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दोनों विधायकों ने मातृशक्ति का अपमान किसके इशारे पर किया है ?

More From Author

+ There are no comments

Add yours