बैतूल कलेक्टर से मिलने पर अड़े ABVP कार्यकर्ताओं का हंगामा:पुलिस को धक्का देकर कलेक्ट्रेट में घुसे छात्र, फीस और छात्रावास मुद्दों पर प्रदर्शन

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बैतूल। बैतूल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र-छात्राओं और छात्र नेताओं ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा किया। कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े कार्यकर्ताओं ने पहले पोर्च में धरना दिया, फिर मुख्य गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों को धक्का देकर अंदर घुस गए और कलेक्टर चैंबर के पास पहुंचकर धरने पर बैठ गए। इसकी वजह से कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव और हंगामे की स्थिति बनी रही। धक्का-मुक्की के दौरान दो पुलिसकर्मी भी दरवाजे के पास गिर पड़े। परिषद के कार्यकर्ता विभिन्न छात्र समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रशासन की ओर से एडीएम वंदना जाट, एसडीएम अभिजीत सिंह और तहसीलदार पूनम साहू को ज्ञापन लेने भेजा गया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया।

पुलिसकर्मियों को धक्का देकर अंदर प्रवेश
छात्र नेताओं का कहना था कि वे अपनी मांगें सीधे कलेक्टर के सामने ही रखेंगे। काफी देर तक कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर कार्यकर्ताओं का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। इस दौरान गेट पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों को धक्का देते हुए अंदर प्रवेश कर गए। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र नेता कलेक्टर चैंबर के बाहर पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम, तहसीलदार और एसडीओपी मौके पर पहुंचे तथा कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर बैतूल में नहीं होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। काफी देर तक चली समझाइश और बातचीत के बाद कार्यकर्ता शांत हुए। अंत में उन्होंने एडीएम वंदना जाट को ज्ञापन सौंपा।

प्राइवेट स्कूलों की फीस निर्धारित करने की मांग
ज्ञापन में विद्यार्थी परिषद ने निजी स्कूलों की फीस सरकारी मानकों के अनुसार निर्धारित करने, विद्यार्थियों को एक ही दुकान से किताबें खरीदने के दबाव पर रोक लगाने, स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा छात्रावासों में सीटें बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा छात्रावासों में साफ-सफाई और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने, शासकीय महाविद्यालयों में एमएससी, एमकॉम और एमए पाठ्यक्रम शुरू करने तथा स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में जिला संयोजक देवेन्द्र पांसे, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य मयंक घोरले, छात्रा प्रमुख राजेश्वरी सलामे, जिला छात्र प्रमुख करिना उइके, नगर मंत्री साहिल शेख, करण चढ़ोकार सहित बड़ी संख्या में परिषद के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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