आमला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जनता के लाखों रुपए धूल खाते नजर आ रहे है। जिसका मुख्य कारण जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता या फिर शासन के नियम है। जिसके कारण जनता के लाखों रुपए धूल खाते नजर आ रहे है। जनप्रतिनिधियों द्वारा लोगो की राहत के लिए कार्य तो किये जाते है। लेकिन उन कार्यो का सही से संचालन हो रहा है ।या नही यह देखना वह जरूरी नही समझते जिसका मुख्य उदाहरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षो से खड़ी एम्बुलेंस से देखने को मिल रहा है। यह एम्बुलेंस पूर्व विधायक चेतराम मानेकर ने विधायक निधि से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दी थी जिस बात को लगभग 6 वर्ष हो गए 6 वर्षो से यह एम्बुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही धूल खा रही है। विधायक निधि से दी गई एम्बुलेंस के न ही कोई कागजात है। और न ही इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन हुआ है। बताया जाता है कि एम्बुलेंस विधायक निधि से थी इसलिए इसका रजिस्ट्रेशन सहित कागजातों की जवाबदारी भी विधायक जी की ही थी लेकिन वर्तमान तक इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नही हो पाया है। और गाड़ी धूल खाकर जर्जर हो चुकी है। शासन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लगभग 70 ग्रामो में एक 108 दौड़ रही है। वही उपस्वास्थ्य केंद्र बोरदेही अंतर्गत आने वाले लगभग 35 से 40 ग्रामो में एक भी 108 की सुविधा नही है। वर्तमान विधायक डॉ. योगेश पन्डाग्रे द्वारा विधायक निधि से एक एम्बुलेंस उपस्वास्थ्य केंद्र बोरदेही को दी जरूर है। लेकिन विधायक निधि से दी हुई एम्बुलेंस के लिए अस्पताल में कोई मद नही होने से वह भी सुचारू रूप से संचालित नही हो पा रही है। जबकि किसी मरीज को आपातकाल स्थिति में एम्बुलेन्स लेकर जानी हो तो उसका खर्च मरीज के परिजन को ही उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक उपस्वास्थ्य केंद्र बोरदेही को अगर एक 108 की सुविधा मिल जाती तो उपस्वास्थ्य केंद्र बोरदेही व मोरखा के लगभग 80 – 90 ग्रामो को इसकी सुविधा मिल जाती और क्षेत्र की गरीब जनता को आर्थिक नुकसान नही भुगतना पड़ता।
विधायक निधि से दी हुई एम्बुलेंस के लिए अलग से कोई मद नही होता है। जनता के लिए वाहन चालक एम्बुलेंस में है । लेकिन पेट्रोल – डीजल का खर्च मरीज के परिजनों को ही वहन करना पड़ेगा।
डॉ. अशोक नरवरे
बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला
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