बैतूल के मुलताई इलाके में बाघ की दहशत, दो दिन पहले मिले थे फुटप्रिंट, गांवों में कराई मुनादी

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बैतूल। बैतूल के मुलताई इलाके में बाघ की दहशत के बीच रात को दो पालतू मवेशियों को घायल करने की घटना से दहशत फैल गई है। यहां जामुन झिरी में बाघ ने दो भैंसों को शिकार बनाने का प्रयास किया है। जिसके बाद वन विभाग का दल रात भर से निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने मुनादी करवाई गई है। आमला जनपद की ग्राम पंचायत हरदौली के जामुन झिरी गांव में रात को बाघ ने किसान ज्ञानराव पाटेकर के खेत पर बंधी दो भैस पर हमला किया है। गांव के रोजगार सहायक ललित डोंगरड़िये ने बताया कि शेर के हमला करने के बाद भैंस रस्सा तोड़कर जान बचाकर सीधी अपने मालिक ज्ञानराव पाटेकर के घर भाग कर आईं, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

भैंसों के शरीर पर पंजों के निशान बन गए हैं। हमले में एक भैंस ज्यादा घायल हुई हैं। जबकि दूसरी पर भी शिकार के प्रयास के निशान हैं। ललित के मुताबिक दो दिन पहले करीबी गांव जौलखेड़ा में खेतों में बाघ के पगमार्क देखे गए थे। जबकि बुधवार सूखा खेड़ी के ग्रामीणों ने खेतों की ओर बाघ का मूवमेंट देखा है। इससे चार गांव, सर्रा ढाना, बूंडाला व आसपास के गांव में दहशत है।

वन विभाग मौके पर

रात को भैंस पर हमले के बाद गांव के चारों तरफ निगरानी के लिए वन विभाग ने टीमें लगाई हैं। कोटवार की मदद से गांवों में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को शाम के बाद घर से न निकलने और शाम ढलते ही मवेशियों को लेकर घर लौटने की सलाह दी गई है। घायल भैंसों के इलाज के लिए वन विभाग के दल पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को लेकर गांव पहुंच रहा है। वन विभाग अब इस इलाके में कैमरे लगाकर यह तस्दीक करने का प्रयास करेगा कि हमलावर प्राणी बाघ है या तेंदुआ। हालांकि ग्रामीण इसे बाघ ही बता रहे हैं।

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