जितिन प्रसाद के भाजपा में जाने के बाद अब सचिन पायलट पर सबकी नजर, 11 महीने पहले राजस्थान में गहलोत के खिलाफ की थी बगावत

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  • कांग्रेस में पायलट, सिंधिया, जितिन की तिकड़ी में से केवल पायलट बचे हैं
  • पायलट के डेजर्ट स्टॉर्म-2 की तैयारियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म

जयपुर। कांग्रेस नेता सचिन पायलट के दोस्त जितिन प्रसाद ने बुधवार को बीजेपी का दामन थाम लिया है। कांग्रेस में सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद की तिकड़ी मशहूर थी, जिसमें दो भाजपा में जा चुके हैं। अब इस तिकड़ी में केवल सचिन पायलट बचे हैं। जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने के बाद सचिन पायलट हैश टैग ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स सचिन पायलट के अगले कदम को लेकर कई तरह के कयास लगा रहे हैं। सचिन पायलट की नाराजगी और उनके मुद्दे अब तक अनसुलझे होने पर सियासी हलकों में जबर्दस्त चर्चाएं हैंं। जितिन प्रसाद सचिन पायलट के दोस्त हैं, आज प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने पर सचिन पायलट ने दुख जताया है। पायलट ने एक अंग्रेजी चैनल से कहा कि जतिन प्रसाद का कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने पर दुख हुआ। आज से करीब 11 महीने पहले सचिन पायलट ने जब बगावत की थी और उन्हें प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम पद से बर्खास्त किया था, उस वक्त जितिन प्रसाद ने भी इसी तरह प्रतिक्रिया दी थी। जितिन ने ट्वीट कर लिखा था- ‘सचिन पायलट सिर्फ मेरे साथ काम करने वाले नहीं बल्कि मेरे दोस्त भी हैं। इस बात को कोई नकार नहीं सकता कि उन्होंने पूरे समर्पण के साथ पार्टी के लिए काम किया है। उम्मीद करता हूं कि ये स्थिति जल्द सही हो जाएगी। ऐसी नौबत आई इससे दुखी भी हूं।’

सचिन पायलट के अगले कदम पर सबकी निगाहें
सचिन पायलट की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खींचतान लगातार बढ़ती ही जा रही है। पिछले साल बगावत के बाद हुई सुलह की वजह से पायलट 18 विधायकों के साथ वापस लौटे थे। तब उनसे किए गए वादे अब भी पूरे नहीं हुए हैं। बताया जाता है कि उनके समर्थक विधायकों को भी तोड़ने की कवायद जारी है। ऐसे हालात में अब सचिन पायलट अगला कदम क्या उठाते हैं, इस पर सबकी निगाहें हैं। पायलट के नजदीकी लोगों ने उनके बीजेपी में जाने की किसी भी संभावना से पूरी तरह इनकार किया है। पायलट ने बगावत के वक्त भी बीजेपी में शामिल होने की संभावनाओं को खारिज किया था।

पायलट के डेजर्ट स्टॉर्म-2 की तैयारियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म
सचिन पायलट ने एक दिन पहले ही एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत मेंं 10 माह बाद भी उनके मुद्दे अनसुलझे होने और कांग्रेस की सरकार लाने में खून-पसीना एक करने वाले कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होने की बात कही थी। पायलट की इस तल्खी के बाद एक बार फिर उनके बगावती सुरों की शुरूआत मानी जा रही है। कई राजनीतिक प्रेक्षक पायलट को डेजर्ट स्टॉर्म-2 की तैयारी की कवायद में होने का दावा कर रहे हैं।

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