- आभूषण में 19 किलो चांदी एव 300 ग्राम सोना शामिल
सारनी। बीती रात को सारनी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 38 लाख रुपए के आभूषण जप्त किए जाने में सफलता प्राप्त हुई है,जप्त किए गए आभूषणों में 19 किलो चांदी और 300 ग्राम सोना शामिल होना बताया जा रहा है।नर्मदा पुरम जिले के केसला निवासी घनश्याम सोनी के पास से यह कार्रवाई की गई है। जिसमें क्रेटाकार सहित 38 लाख के आभूषण जप्त करने में सफलता मिली है। सारनी थाना प्रभारी अरविंद कुमरे ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी,अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रोशन जैन के मार्गदर्शन में संपूर्ण क्षेत्र में संघन्र्य जांच का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसएसटी,एफएसटी की टीमों द्वारा सघन चेकिंग की जा रही है।24 अक्टूबर की रात में
थाना प्रभारी अरविन्द कुमरे,पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी दिलीप यादव एवं उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर शोभापुर कालोनी के कालीमाई के बीच में घनश्याम सोनी निवासी केसला जिला नर्मदापुरम को क्रेटा कार सहित पकड़ा जिसके पास सोना चांदी के आभूषण मिलने पर एफएसटी टीम प्रभारी अजीत सिंह ठाकुर के सुपर्द किया गया है।एफएसटी प्रभारी अधिकारी द्वारा सोने चांदी के आभूषण चेक करने के उपरांत उक्त माल पर संदेह होने से एफएसटी अधिकारी द्वारा घनश्याम साहू से सोना एवं चांदी के आभूषण कीमती लगभग 38 लाख रुपए के जप्त कर जांच में लिया गया जिसकी सूचना इनकम टैक्स विभाग बैतूल को दी गई है, उन्होंने बताया कि उक्त आभूषण के दस्तावेज कागजात है कि नहीं इसकी जांच पड़ताल भी की जा रही है। संपूर्ण प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लगे होने की वजह से इतनी बड़ी रकम के आभूषण को लेकर जाना कई तरह के सवालों को जन्म देता दिखाई दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि 300 ग्राम सोने के आभूषण के दस्तावेज तो संबंधित व्यक्ति के पास है लेकिन 19 किलो चांदी का कोई हिसाब घनश्याम सोनी देने में असफल साबित होते दिखाई दे रहे हैं।
इनका कहना है
19 किलो चांदी और 300 ग्राम सोने के आभूषण जप्त किए गए हैं और इसे सेल टैक्स विभाग और जिला सीईओ को सौपा गया है,और इस मामले की जांच के बाद ठोस निर्णय होगा। नगद 55 हजार और 10 लाख से अधिक के सामग्री लेकर जाने की वजह से इस तरह की कार्रवाई आदर्श आचार संहिता में की जा रही है। सेल टैक्स और जिले के उच्च अधिकारी सही दस्तावेज देखने के बाद इन्हें छोड़ भी सकते हैं।
रोशन कुमार जैन एसडीओपी सारनी
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