21 दिन में किया चोपना पुलिस ने अंधे कत्ल का खुलासा

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गांजे के पैसों को लेकर विवाद कर की थी आरोपियों ने हत्या, 2 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
सारनी। चोपना पुलिस ने 21 पहले हुए अंधे कत्ल का खुलासा करने में सफलता हासिल की है, अपराध क्र.67/20 धारा 302, 201 भादवि के दो आरोपियों को गिरफ्तारी किया गया है। गांजे को लेकर आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रध्दा जोशी के मार्गनिर्देशन में गठित टीम अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सारनी अभयराम चौधरी के निर्देशन में थाना प्रभारी चोपना गोविन्द सिंह राजपूत एवं टीम द्वारा थाना चोपना के अपराध क्र.67/20 धारा 302, 201 भादवि के अज्ञात आरोपियो की लगातार तलाश पतारसी के काफी प्रयास के 21 दिनो बाद 15 मई को खोज निकाला एवं गिरफ्तार किया गया। आरोपी संदीप धुर्वे पिता गोवलू धुर्वे उम 28 साल तथा आरोपी जगना इवने पिता चुन्नीलाल इवने 35 साल केरियाउमरी से इस मामले में गिरफ्तार किया गया। जहां पूछताछ पर के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि हमारे पास करीबन 5-6 एकड जमीन है। उसी जमीन पर हम लोग खेती किसानी करते है। हम लोग बरसात मे भुट्टाबाडी मे गाँजे का बीज डाल देते है और सूखने पर उसे तोडकर रखकर बेचते रहते है। रामचरण उर्फ राजाराम जो सारनी का रहने वाला है वह मेरे घर से हमेशा गाँजा बेचने के लिये खरीदकर ले जाता है। रामचरण से मेरी बहुत पहले से जान पहचान है, रामचरण शिवरात्रि के समय मेरे घर आया था और मेरे से 3 हजार रुपये का गाँजा लेकर गया था। उसमे से मुझे 1 हजार रुपये दिया थे और 2 हजार रुपये बाद मे देने को कहा था फिर वह बाद में भी मेरे गाँव मे आया था मैने उसे पैसो की लिए बोला तो उसने कहा की बाद मे दे दूंगा। फिर वह दिनांक 23 मार्च को सुबह करीबन 7 बजे मेरे गाँव केरियाउमरी मे आया था। मैं मेरे गाँव से छतरपुर तरफ जा रहा था तो वह मुझे मेरे गाँव के रोड पर रास्ते में ही मिल गया था, मैने उसे बोला की चल गाँजा पीते है। फिर मैने उसे जगना के घर पर गाँजा पीने के लिये ले गया वहां पर हम
तीनो ने बैठकर गाँजा पीया। फिर मैने रामचरण को बोला की चल मनकाढाना तरफ गाँजा लेने चलते है वहा सस्ता गाँजा मिलता है। फिर मैने जगना को बोला की कुछ चाकू बगैरा रख ले तो उसने अपने पास एक चाकू अपने पेन्ट के जेब में रख लिया था। फिर हम तीनो रामचरण की मोटर साईकल टीवीएस विक्टर से चोपना के पास जम्मूदीप देवस्थान पर चले गये। वहां पर उपर पहाड़ी पर जाकर भी हम तीनो ने गाँजा पिया। फिर मैने रामचरण को बोला की मेरे 2 हजार रुपये कब देगा तू। इसी बात को लेकर हमलोगों के बीच मे गाली-गलौच हो गई तो जगना ने रामचरण के सिर मे वहां पास मे पडे बॉस के डंडे को उठाकर उसके सिर मे 3-4 बार ताकत से मारा। फिर मैने उसे पास मे पड़े पत्थर से उसके सिर एंव पीठ मे मारा वह नीचे तरफ गढ्ढे में गिर गया बेहोश हो गया। फिर मैने जगना से चाकू लेकर रामचरण की गर्दन काट दिया और वह मर गया। फिर हम दोनो ने उसके सिर को पत्थर से कुचल दिया और उसके शरीर पर झाडिया डाल दी। उसके बाद हम दोनो रामचरण की मोटरसाईकल लेकर वापस आते समय रास्ते के जंगल में नाले के पास मैने चाकू छुपा दिया था और जगना ने जिस इण्डे से मारा था वह डंडा जगना ने छिपा दिया और रामचरण की मोटरसाइकिल को कटंगी के जंगल मे खडी कर दिया। उसके बाद हम घर चले गये फिर दूसरे दिन मैं अकेला आया और रामचरण की मोटरसाईकल को मेरे जीजा सुखलाल निवासी ग्राम सीलपटी थाना शाहपुर के घर पर ले जाकर घर के अन्दर लुकाकर खडी कर दिया। जिसमें कि आरोपी संदीप धुर्वे के मेमोरेंडम पर संदीप से घटना में प्रयुक्त कपडे, चाकू व मृतक की मोटरसाइकिल जप्ती की गई, व आरोपी जगना के मेमोरेंडम पर जगना से कपडे डण्डा जप्त कर दोनो को विधिवत गिरफ्तार किया गया। उक्त अंधे कत्ल जघन्य अपराध में अज्ञात आरोपियो को पकड़ने के लिये वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा विशेष अनुसंधान टीम गठित की गई। जिसमे टीम प्रभारी विवेचक उप निरीक्षक गोविन्द सिंह राजपूत थाना प्रभारी चोपना, प्रधान आरक्षक इश्त्याक अली, आरक्षक सौरभ राजौरिया, आरक्षक रोहन उइके, आरक्षक सतीश वाडिवा, आरक्षक महेश इवने, आरक्षक सतीश चौरे, आरक्षक मनीष खराडी, आरक्षक सेवलाल कलमे, आरक्षक भीम चंचल, पाथाखेड़ा चौकी आरक्षक अभिषेक, थाना सारनी से आरक्षक भूपेन्द्र पटेल, पाथाखेड़ा चौकी से सैनिक विनोद ने संगठित आपसी तालमेल अथक प्रयास से अंधे कत्ल के अज्ञात आरोपियो को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।

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