
सारनी। भारतीय मजदूर संघ संबद्ध भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ पाथाखेड़ा द्वारा शनिवार को जारी प्रेसवार्ता में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात व् अन्य राज्यों द्वारा इस भयंकर कोरोना महामारी के कालखंड में देश की अर्थव्यवस्था मजदूरों के कारण बिगड़ने का राग अलापते हुए समस्त श्रम कानूनों को 3 साल के लिए एकतरफा निर्णय लेकर बर्खास्त करने के लिए जारी काले अध्यादेश का प्रबल विरोध करते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। उक्त आशय की जानकारी देते हुए भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश राव तथा महामंत्री बिजेंद्र सिंह ने बताया की बीएमएस केंद्र तथा प्रदेश द्वारा उपरोक्त विषय पर सरकार के समक्ष ज्ञापन पत्र के माध्यम से विरोध प्रकट कर दिया है। भारतीय मजदूर संघ महासंघ के आव्हान पर चरणबद्ध आंदोलन करते हुए प्रबल विरोध किया जाएगा। भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ पाथाखेड़ा के कार्यकारी अध्यक्ष व मिडिया प्रभारी अशोक मालवीय चरणबद्ध आंदोलन की जानकारी देते हुए बताया की 16 मई से 18 मई 2020 तक प्रचार प्रसार, 20 मई को विरोध दिवस का पालन करते हुए काला मास्क लगाकर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपना, 30 व 31 मई 2020 को उद्योग व प्रदेश स्तर पर श्रमिक सम्मेलन (कन्वेंशन) करना। देश के श्रम कानून श्रमिक -रोजगार प्रदाता(कम्पनी)-ट्रेड यूनियन व सरकार के बिच संबंधो को परिभाषित करती है। मजदूरों के कारण बिगड़ी अर्थव्यवस्था का झूठा राग अलाप कर मजदूरों के हित के सारे श्रम कानूनों को सरकारे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है कार्य के घंटे 8से 12करने का कुचक्र रचकर मजदूरों के भयंकर शोषण दमन का प्रयास कर रही है। इन सरकारों ने इस साजिस के तहत अपने राज्यों न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, ट्रेड यूनियन, औधोगिक विवाद अधिनियम, कारखाना अधिनियम, अनुबंध श्रम अधिनियम, बोनस भुगतान अधिनियम, कार्यशील पत्रकार अधिनियम, अंतर-राज्य प्रवासी श्रमिक अधिनियम, कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान जैसे कई महत्वपूर्ण कानूनों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है ये सोचकर की ऐसा करने से उद्योग व अर्थ व्यवस्था फल फूल जायेगी सुधर जाएगी यह सोचना सर्वथा अकल्पनीय है। मजदूर विरोधी इस काले अध्यादेश से मजदूरों का शोषण करके कभी कोई राष्ट्र खड़ा नहीं रह सकता है। श्रमिकों का शोषण करने हेतु तथा बड़े बड़े पूंजीपतियों,शरमायदारो, उधोगपतियो को लाभ पहुंचाने पूंजीपतियों की राह आसान करनेवाला ऐसा काला अध्यादेश लाकर राज्य सरकारों ने केंद्र के पास अधिसूचना जारी करने हेतु भेजा है। भारतीय मजदूर संघ देश का सबसे बड़ा मजदूर संगठन होने के नाते सरकारों के इस घोर मजदूर विरोधी निर्णय का पुरजोर विरोध करता है। क्षेत्रीय अध्यक्ष महामंत्री द्वारा समस्त श्रमिकों का आव्हान करते हुए आंदोलन को साथ देकर हर तरह से तैयार रहने की अपील की है। मजदूरों के साथ भेदभाव बर्बरता दमन शोषण के खिलाफ बीएमएस द्वारा चरणबद्ध सघन आंदोलन का शंखनाद किया है सरकारे अपना काला अध्यादेश वापस लें अन्यथा मजदूर आंदोलन की राह पर उतर चूका है। प्रेसवार्ता में विभाग प्रमुख मान्यवर महेंद्र सिंह ठाकुर, जिला मंत्री सुदामा सिंह ने विशेष रूप से संगठन का मत रखा।
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