10 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ईमेल, व्हाट्सएप एवं एसएमएस से मिलेंगे बिजली बिल

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बैतूल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने हाई वैल्यू कंज्यूमर को एक अप्रैल से एचटी उपभोक्ताओं की भांति व्हाट्सएप, ईमेल एवं एसएमएस के माध्यम से बिजली बिल भेजेगी। इसके लिए उपभोक्ताओं के मोबाईल नंबर, व्हाट्सएप नंबर एवं ईमेल आईडी प्राप्त करने के लिए अभियान चालाया जाए। यह निर्देश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने गोविन्दपुरा स्थित कंपनी मुख्यालय में आयोजित समन्वय बैठक में दिए।
प्रबंध संचालक ने कहा कि कंपनी के 10 किलोवाट भार तक के हाई वैल्यू कंज्यूमर वितरण कंपनी के मासिक राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इन उपभोक्ताओं को विशेष सुविधाएँ दी जाएंगी। इसी तारतम्य में बिजली बिल इलेक्ट्रानिक जरिये के अलावा यदि हाई वेल्यू कंज्यूमर चाहेंगे तो उन्हें बिजली बिल की हार्ड कॉपी भी भेजी जाएगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा अथवा उन्हें कॉल सेन्टर (1912) या व्हाट्सएप चेटबोट (0755-2551222) के माध्यम से अपना नंबर दर्ज कराना होगा।
प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने निर्देश दिए हैं कि मीटर वाचन में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी अथवा कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीटर रीडरों का क्षेत्र परिवर्तन किया जा रहा है, जिससे कि मीटर वाचन शुद्धता से हो सके। राजस्व वसूली को लेकर प्रबंध संचालक ने निर्देश दिए कि बड़े बकायादारों के खिलाफ कुर्की की कार्यवाही की जाए। यदि बकायादार नहीं मिलते हैं तो बैंकों से संपर्क कर उनके बैंक खाते सीज किए जाएँ।
प्रबंध संचालक ने खरीफ सीजन में कृषि क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति के लिए कंपनी को तैयार रहने के लिए कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि वितरण ट्रांसफार्मर रिपेयर करने के लिए एजेंसियों को इम्पेनल करने के संबंध में शीघ्र कार्यवाही की जाए। खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफार्मरों की माँग के अनुरूप क्षमतावृद्धि की जाए और गर्मी के सीजन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि के प्रकरणों को गंभीरता से लिया जाए। सोलर रूफटॉप के आवेदनों की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। जूम डेव्हलपर से वसूली के लिए कलेक्टर इंदौर के सहयोग से कुर्की एवं नीलामी की कार्यवाही की जाए। प्रबंध संचालक ने दतिया, भिण्ड, मुरैना, श्योपुर एवं ग्वालियर शहर के मानव संसाधन संबंधी प्रस्तावों का शीघ्र परीक्षण कर मंजूर किये जाने के लिए मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

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