पीएम मोदी आज रात 8.30 बजे देश को करेंगे संबोधित, महिला आरक्षण पर कर सकते हैं बात

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लोकसभा में विधेयक पर मतदान के दौरान 298 सदस्यों ने समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में वोट डाला। मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 के मतों की आवश्यकता थी।

नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8.30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। विधायिका में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने वाला विधेयक लोकसभा में पारित न हो पाने के एक दिन बाद उनका यह संबोधन होगा। उम्मीद है कि मोदी महिला आरक्षण के मुद्दे और संसद में हुई घटनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जहां विपक्षी दलों ने शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खिलाफ मतदान किया था। इस विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कवायद के बाद 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 तक किया जाना था।

राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई जानी थी। इस विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन आवश्यक समर्थन नहीं जुटा सका। शुक्रवार रात लोकसभा में विधेयक पर हुए मतदान के दौरान 298 सदस्यों ने इसके समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 के मतों की आवश्यकता थी।

कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने को लेकर उसका रुख हमेशा एक जैसा रहा है, जबकि मोदी सरकार इस मुद्दे पर लगातार पलटी मारती रही है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अपने न्याय पत्र (घोषणापत्र) में वादा किया था कि सत्ता में आने पर 2029 से महिला आरक्षण को लागू किया जाएगा। जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए जारी अपने न्याय पत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण को जोड़ने के मोदी सरकार के इस चालाकी से भरे कदम की आलोचना की थी और महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने का वादा किया था। हमारा रुख हमेशा एक जैसा रहा है, सितंबर 2023 में जून, 2024 में और अब अप्रैल 2026 में भी वही है। दूसरी ओर, मोदी सरकार लगातार अपने रुख से पलटी मारती रही है।’

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