श्रम कानूनों की बर्खास्तगी तथा कामर्शियल माइनिंग के विरोध में भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ को सौपेगी ज्ञापन

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सारनी। भारतीय मजदूर संघ संबद्ध भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ पाथाखेड़ा के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओ द्वारा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात व अन्य राज्यों द्वारा इस भयंकर कोरोना महामारी के कालखंड में देश की अर्थव्यवस्था मजदूरों के कारण बिगड़ने का राग अलापते हुए समस्त श्रम कानूनों को 3 साल के लिए एकतरफा निर्णय लेकर बर्खास्त करने के लिए जारी काले अध्यादेश का तथा देश की वित्तमंत्री द्वारा कोरोना की आड़ में कामर्शियल माइनिंग की घोषणा का प्रबल विरोध करते हुए चरणबद्ध आंदोलन के तहत 20 मई को तहसील कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर तहसीलदार को कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा जाएगा। उक्त आशय की जानकारी देते हुए भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश राव तथा महामंत्री बिजेंद्र सिंह ने बताया बीएमएस भारतीय मजदूर संघ केंद्र तथा प्रदेश द्वारा इस बाबत ज्ञापन प्रेषित किया जा चूका है। भामस मध्य्प्रदेश तथा महासंघ के आव्हान पर चरणबद्ध आंदोलन करते हुए प्रबल विरोध किया जाएगा। 20 मई को दोपहर 2 बजे विभागप्रमुख महेंद्र सिंह ठाकुर तथा जिला मंत्री के नेतृत्व में घोड़ाडोंगरी तहसील पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा जायेगा। इसी तारतम्य में शाम 5 बजे क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश राव महामंत्री बिजेंद्र सिंह के नेतृत्वा में क्षेत्रीय महाप्रबंधक के माध्यम से भारत सरकार के कोयला मंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जायेगा। भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ पाथाखेड़ा के कार्यकरी अध्यक्ष व मिडिया प्रभारी अशोक मालवीय चरणबद्ध आंदोलन की जानकारी देते हुए बताया की राज्य तथा केंद्र सरकार मजदूरों के कारण बिगड़ी अर्थव्यवस्था का झूठा राग अलाप कर मजदूरों के हित के सारे श्रम कानूनों को सरकारे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है कार्य के घंटे 8से 12करने का कुचक्र रचकर मजदूरों के भयंकर शोषण दमन का प्रयास कर रही है। इन सरकारों ने इस साजिस के तहत महत्वपूर्ण श्रम कानूनों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है ये सोचकर की ऐसा करने से उद्योग व अर्थ व्यवस्था फल फूल जायेगी सुधर जाएगी यह सोचना सर्वथा अकल्पनीय है। मजदूर विरोधी इस काले अध्यादेश से मजदूरों का शोषण करके कभी कोई राष्ट्र खड़ा नहीं रह सकता है।
श्रमिकों का शोषण करने हेतु तथा बड़े बड़े पूंजीपतियों, शरमायदारो, उद्योगपतियो को लाभ पहुंचाने पूंजीपतियों की राह आसान करनेवाला ऐसा काला अध्यादेश लाकर राज्य सरकारों ने केंद्र के पास अधिसूचना जारी करने हेतु भेजा है। साथ ही भारतसरकार के वित्तमंत्री की कमर्शियल माइनिंग के काले निर्णय का विरोध किया जाएगा भारतीय मजदूर संघ देश का सबसे बड़ा मजदूर संगठन होने के नाते सरकारों के इस घोर मजदूर विरोधी निर्णय का पुरजोर विरोध करता है। क्षेत्रीय अध्यक्ष महामंत्री द्वारा समस्त श्रमिकों का आव्हान करते हुए आंदोलन को साथ देकर अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

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