सारनी। एक ओर भारत राज्य कोरोना वायरस (कोविद-19) जैसी संक्रमित बीमारी से बचाव हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार प्रयासरत हैं। जिसमें इस संक्रमित बीमारी से बचने हेतु शासन में सैनिटाइजर एवं मास्क का उपयोग करने हेतु निर्देशित किया है। परंतु देखने में आ रहा है कि मास्क को लेकर दामों में काफी उछाल है। सारनी क्षेत्र में बताया जाता है कि कई मेडिकल स्टोर ऐसे हैं जहां पर 10 रुपये मास्क अधिक दामों पर बेचा जा रहा हैं। इस संबंध में हमें कई लोगों के माध्यम से जानकारी दी गई जिसे हमने अपने संज्ञान में लिया तो यह जानकारी सत्य निकली। क्षेत्र में कई ऐसे मेडिकल स्टोर है जहां पर मास्क स्टॉक में हैं पर वे उन मास्क ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। जिनमें 10 रुपये के मास्क को वह 30 रुपये में बेचा जा रहा हैं। कुछ मेडिकल संचालकों की जेब भरने के चक्कर में अब यह स्थिति है कि मध्यम वर्गीय मजदूर परिवार के लोग ऐसे ही लॉक डाउन के बाद से कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे उनके सामने मास्क एवं सैनिटाइजर खरीदने हेतु पैसों का संकट है। ऐसे में 10 रुपये का मास्क 30 रुपये में बेचना उचित नहीं होगा। वही विगत 2 दिनों पहले भी मजदूर संघ सारनी के माध्यम से कार्यवाहक मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मजदूरों के सैनिटाइजर एवं मास्क के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग उठाई गई थी। जिसके बाद कई मेडिकल संचालकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि उनके दाम बढ़ाने से मध्यम वर्गीय मजदूर परिवारों पर असर पड़ेगा। वहीं प्रशासन को भी सभी मेडिकल संचालकों को निर्देश सख़्त जारी करना चाहिए कि वह कम दामों पर मास्क भेजें ताकि मध्यमवर्ग मजदूर परिवार भी उनका क्रय कर सकें, मेडिकल संचालक नियमों का पालन नहीं करता तो उन पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मास्क को अधिक दामों पर विक्रय कर रहे मेडिकल संचालक
Posted on by Vishal
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