माचना पुनर्जीवन अभियान: ग्राम मलकापुर में ग्रामसभा आयोजित

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  • अतिथियों ने माचना किनारे लगाई त्रिवेणी
  • ग्रामीणों के सुझाव पर माचना में बनेंगे दो स्टाप डेम

बैतूल। माचना पुनर्जीवन अभियान के तहत बुधवार को माचना किनारे के ग्राम मलकापुर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामसभा में सहायक कलेक्टर श्री अंशुमन राज, पर्यावरण कार्यकर्ता श्री मोहन नागर, श्री अमोल पानकर ने ग्रामीणों को नदी पुनर्जीवन योजना के बारे में अवगत कराया।
श्री मोहन नागर ने कहा कि माचना हमको हजारों वर्ष से जीवन दे रही है, आज हमें उसे जीवन देने की आवश्यकता है। माचना को सदानीरा बनाने के लिये माचना बेसिन व किनारे के ग्रामवासियों को शासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वर्षाजल संरक्षण व पौधरोपण के प्रयास करने होंगे। श्री नागर ने कहा कि वृक्ष सिर्फ लकड़ी, फल या बीज नहीं होता, वह अपने आप में एक पूरा पारिस्थितिक तंत्र होता है, जिसमें जीवों की कई प्रजातियां फलती फूलती है। जिनसे हमारा जीवन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा होता है। उसी प्रकार नदियों के सूखने से एक पूरा जल संसार सूख जाता है, जिससे मानव सहित संपूर्ण जीव जगत पर प्रभाव पड़ता है इसीलिए हमें हमारी नदियों को जीवित करना ही होगा। उन्होंने कहा कि माचना जैसी विशाल नदी होने के बाद भी बैतूल नगर को ताप्ती नदी से पानी लाना पड़ रहा है। अगर हमने समवेत प्रयास किये तो अगले कुछ वर्षों में माचना को पुनर्जीवन मिलेगा व वह सदानीरा नदी बन जायेगी।
पर्यावरण प्रभारी श्री अमोल पानकर ने कहा कि आरुल, मलकापुर एवं आसपास के भूगर्भ में 70 से 80 फीट नीचे जो रेत का बेल्ट है, उसमें नलकूप खनन से पर्याप्त पानी प्राप्त होता है यह प्रत्यक्ष रूप से माचना का जल है। यह बेल्ट वर्ष भर पानी प्राप्त कर सके, इस हेतु नदी के स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा सहायक कलेक्टर श्री अंशुमन राज ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए आश्वस्त किया कि ग्रामवासी जिस तरह हरियाली के लिये प्रयास कर रहे हैं, शासन उसमें हरसंभव मदद करेगा व ग्रामीणों के सुझाव के आधार पर ग्राम व नदी क्षेत्र में जल संरचनाओं का निर्माण किया जायेगा, लेकिन इसमें जनभागीदारी आवश्यक है, तभी कार्य अपना उद्देश्य पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज हमेशा दो वर्गों में बंटा होता है। दोनों वर्गों का दृष्टिकोण अलग-अलग होता है, लेकिन उद्देश्य एक होता है, उनमें समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है। ऐसा करने पर हम अपेक्षित परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। सहायक कलेक्टर ने गांव के युवाओं द्वारा गांव को हरा-भरा करने के प्रयास की प्रशंसा की।
गांव के युवा श्री लोकेश वर्मा ने बताया कि वे दो वर्ष पूर्व सोनाघाटी पर गंगावतरण अभियान में श्रमदान करने आते थे। वहाँ से प्रेरणा लेकर उन्होंने ग्राम के मोक्षधाम में पौधरोपण व जल संरक्षण के कार्य प्रारम्भ किये, जिसमें युवा टोली के सहयोग 200 से अधिक पौधे लगाकर मोक्षधाम व माचना के किनारों को हरा-भरा कर रहे हैं।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक व पर्यावरण के लिये कार्य कर रहे श्री रमेश वर्मा ने कहा कि उन्होंने पूरे जिले के प्रत्येक विद्यालय में जनसहयोग से लक्ष्मी तरु के पौधे रोपने का संकल्प लिया है । बैतूल ब्लाक में यह कार्य वे पूर्ण भी कर चुके हैं।
भूतपूर्व जनपद अध्यक्ष श्री नरेंद्र पटेल एवं ग्रामीणों द्वारा पंचायत में दो ऐसे स्थानों का सहायक कलेक्टर एवं तकनीकी अधिकारियों को भ्रमण कराया गया, जहां 2 से 3 किलोमीटर पानी स्टाप डेम के माध्यम से रोका जा सकता है। ये स्थान चिन्हित किए गए एवं ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा आश्वस्त किया गया कि यह कार्य शत प्रतिशत पूर्ण होगा।
ग्राम सभा के पश्चात अतिथियों व ग्रामवासियों ने माचना के किनारे एक त्रिवेणी (बरगद, पीपल, नीम) सहित 20 नीम के पौधे रोपे तथा ग्राम के विभिन्न स्थानों पर माचना के किनारों का पैदल भ्रमण कर पुरानी जल संरचनाओं को देखा व ग्रामीणों के सुझाव पर नई जल संरचनाओं के निर्माण के सम्भावित स्थान देखे। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रेमकांत वर्मा ने किया ।
ग्राम सभा को सफल बनाने में जन अभियान परिषद से श्री विक्रम इथापे, श्री पंकज लोनारे, श्री रमेश वर्मा, पूर्व जनपद अध्यक्ष श्री नरेंद्र पटेल, सरपंच श्री बुंदेल सिंह धुर्वे, श्री लोकेश वर्मा, श्री प्रेमकांत वर्मा, श्री राकेश महतो, श्री धर्मेंद्र वर्मा, श्री लतेश महतो, श्री नितेश वर्मा, श्री मनीष चौधरी, श्री राजा वर्मा, श्री मुन्नालाल विश्वकर्मा, योगाचार्य श्री कमलेश कुमार, श्री प्रदीप वर्मा, श्री ओम प्रकाश वर्मा, श्री मनोज महतो, श्री प्रवीण हजारे, श्री राजकुमार पवार, श्री मोहित पटेल, श्री अर्पित वर्मा, श्री दीपक महतो, श्री दीनदयाल पंवार सहित सचिव व सहायक सचिव का योगदान रहा।

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