बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल में तीन दिन पहले 39 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 6 साल का मासूम तन्मय अब भी बाहर नहीं आ पाया है। बाहर निकालने की लगातार कोशिशों के बाद भी रेस्क्यू टीम अब तक उससे करीब 3 फीट दूर है। गुरुवार रात 44 फीट गहरा गड्ढा खोदने के बाद टीम ने 9 फीट लंबी सुरंग बनाने का काम शुरू किया था। टीम और तन्मय के बीच पत्थर और पानी की वजह से दूरी बनी हुई है। जैसे-जैसे टीम तन्मय के पास पहुंच रही है। सभी की धड़कनें भी तेज होती जा रही हैं। हर हाथ प्रार्थना के लिए उठ रहे हैं और तन्मय की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा- मैंने तो बहुत कुछ सोच के रखा था। बेटा बड़ा होगा… हमारे बुढ़ापे का सहारा बनेगा। सोचा था कि वह जिंदगी में कुछ अच्छा करेगा। एक ही बेटा है, तो हर बाप अपने बेटे के बार में अच्छा ही सोचता है। यही सोचता था कि बेटा जिंदगी में सब कुछ हासिल करे।
आगे उन्होंने कहा, पिछले 3 दिन जैसे गुजरे। वैसे दिन तो अब तक कभी नहीं गुजरे। अब आपको क्या बताऊं। मैं कभी भी उससे अलग रहा ही नहीं हूं। हमेशा साथ ही रहता था। मान लीजिए कि मैं कहीं बाहर जाता था, तो दिन भर में 10 बार घर पर कॉल करता था कि बेटा क्या कर रहा है। वो खुद मुझे बार-बार कॉल करता था, कहता था कि पापा कहां हो? घर कब आओगे? हम दोनों एक-दूसरे के बिना नहीं रहते। तन्मय जब स्कूल जाता था, तभी हम दूर होते थे, बाकि पूरे दिन हम साथ ही रहते थे। मैं खेत भी जाता हूं, तब भी वह कॉल लगा देता कि पापा कहां हो, घर आ जाओ। मेरे बिना वह खाना तक नहीं खाता था। किसी ने उसे डपट भी दिया तो कॉल कर तत्काल कहता था पापा आ जाओ। उन्होंने ऐसा किया।
पिता बोले-मेरे बेटे काे जल्दी बाहर निकालो
तन्मय के पिता सुनील साहू ने सीएम शिवराज से विनती करते हुए कहा कि मेरे बेटे को बचाने के लिए प्रशासन, पुलिस बल, कलेक्टर SP सभी 3 दिन से प्रयास कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि आप यहां फोन करके बोलें कि जल्द से जल्द मेरे बेटे को बाहर निकाला जाए। हालांकि मुझे बताया गया है कि वह हर 15 मिनट में फोन कर यहां की स्थिति के बारे में जान रहे हैं। लगातार बातें हो रही हैं। कलेक्टर, SP, तहसीलदार सभी 3 दिन से यहां उपस्थित हैं।
प्रशासन को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। तन्मय को निकालने का अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है, वो भी सफल हो जाए और तन्मय सही सलामत बाहर आ जाए। मैं सभी ने हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि सभी मेरे बेटे की सही सलामती के लिए दुआएं मांगें। बोर के लिए मैं सभी से यह कहना चाहता हूं कि कोई बोर करता है उसमें पानी नहीं निकलता तो उसे तुरंत बद कर दें, उसे खुला ना छोड़ें।
नागदेव बाबा को चांदी चढ़ाऊंगी
तन्मय की मां ने बताया- तीन दिन-तीन रातें बैठे-बैठे, दुआएं करते, भगवान को स्मरण करते हुए काटी हैं। मैंने बेटे के लिए बहुत दुआएं मांगी हैं। मैंने नागदेव बाबा से भी प्रार्थना की है कि बाबा मेरे बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल दे, जितना मेरे से होगा, उतना बड़ा चांदी का नाग आपको चढ़ाऊंगी। मैंने हर देवी-देवता से प्रार्थना की है।
हमारे पास सभी साधन है। उसे जो बनना है, बने। उसके ऊपर है। वह बहुत छोटा है। बस सही सलामत निकल जाए। वह पढ़ाई-लिखाई में ठीक था। हमने उसे गायत्री मंदिर पढ़ने डाल रखा है। गांव में ही पढ़ाते थे, बाहर शहर में भी कुछ साल भेजते। वह स्कूल से आते ही होमवर्क कंप्लीट करता है। वह 2 मिनट भी बाहर नहीं रहता था। बाहर से कभी भी आता था तो सबसे पहले मम्मी करके चिल्लाता था। तीन दिनों से वह वहां है, उसे हमारी याद नहीं आ रही होगी क्या। उसकी बहुत याद आ रही है, पर कुछ कर नहीं सकते।
मां ने आगे बताते हुए कहा कि वह इतनी स्पीड में काम करता था कि क्या बताऊं। स्कूल की छुट्टी होती थी तो जब तक उसकी मैम क्लास से गेट तक पहुंचती थी, तब तक वह घर पहुंच जाता था। जब तक उसकी बहन घर पहुंचती, तब तक वह खाना खा चुका होता था। उस दिन हम खेत में कन्या भोज कराने आए थे। हमने कन्याओं के पैर पखारे, उन्हें भोज करवाया। पानी पिलाया। वो यहीं खेल रहा था, लेकिन अचानक वह झाड़ के पास पहुंचा और ये हादसा हो गया। हम लोग यहीं बैठे थे। वह पत्थरों में खेल रहा था, तो उसके चाचा ने उससे कहा था कि अरे संभाल के इतना मत खेल, कपड़े गंदे हो रहे हैं, लेकिन न जाने वो वहां चला गया। हम गाड़ी पलटा रहे थे। उसने कहा- मैं इधर से कूदकर आ रहा हूं। बस उसके गिरने के बाद दो मिनट बात हुई।
मंगलवार शाम 5 बजे गिरा था बच्चा
हादसा मंगलवार शाम बैतूल जिले के आठनेर के मांडवी गांव में करीब 5 बजे हुआ था। 6 साल का तन्मय दूसरे बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह पड़ोसी के बोरवेल में गिर गया। आवाज लगाने पर बोरवेल के भीतर से बच्चे की आवाज आई। इस पर परिवार वालों ने तत्काल बैतूल और आठनेर पुलिस को सूचना दी।
तन्मय की 11 साल की बहन निधि साहू ने बताया, हम छुपन-छिपाई खेल रहे थे। भाई को कहा कि चलो अब घर चलते हैं। वो कूदकर आया। बोर के ऊपर बोरी रखी थी। वो बोरी को पकड़कर रखा था, मैं जब तक पहुंची तो भाई नीचे चला गया। मां रितु साहू का कहना है कि वह 5 बजे के करीब गिरा। उसने आवाज भी दी। तब उसकी तेज सांस चल रही थी।
अबतक चले रेस्क्यू ऑपरेशन पर एक नजर
तन्मय 400 फीट गहरे बोरवेल में गिरा और 39 फीट नीचे जाकर फंस गया था। बच्चे को निकालने के लिए बोर के समानांतर 44 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है। इसके बाद सुरंग बनाने का काम शुरू हुआ। 12 में से करीब 9 फीट तक सुरंग बना ली गई है।
मिट्टी धंसने का डर शुक्रवार शाम कलेक्टर ने बताया कि हम तन्मय से तीन फीट दूर हैं। होरिजोंटल खुदाई 9 फीट तक हो चुकी है। अभी मलबा हटाने का काम जारी है। तन्मय का मूवमेंट देखने को नहीं मिल रहा है। सुबह मशीन के कम्पन से मिट्टी धंसकने जैसी स्थिति बन गई थी। इसलिए आगे की खुदाई हाथ से ही करने का निर्णय लिया। इस कारण काम की गति में कुछ कमी आई है। आखिरी के तीन फीट मैनुअल ही ड्रिल किया जाएगा। तीन डॉक्टर यहां मौजूद हैं। वे बच्चे की हेल्थ को चेक करके बताएंगे कि उसे किसी लेवल पर मदद की जरूरत है।
चार गांव के लोग मदद में जुटे
घटनास्थल मांडवी गांव के साथ-साथ आसपास के 4 गांव के लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। रेस्क्यू में जुटे 200 से अधिक लोगों के लिए निःशुल्क भोजन से लेकर सभी प्रकार की व्यवस्था ग्रामीणों द्वारा की जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन लगातार राहत कार्य में लगा है। लिहाजा हर स्तर पर मदद के लिए हम भी सहयोग दे रहे हैं। हमारी सिर्फ एक मंशा है कि तन्मय को हंसता-खेलता देखें।
रेस्क्यू में NDRF और SDRF के 61 जवान लगे
रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे होमगार्ड कमांडेंट एसआर आजमी ने बताया कि बोरवेल में तन्मय 39 फीट पर फंसा हुआ है। बच्चों की नॉर्मल हाइट तीन से चार फीट मानकर हमने 44 फीट तक गड्ढा खोदा है। टनल बनाने में NDRF और DSRF के 61 जवान लगे हैं।
तन्मय की सलामती के लिए दुआओं का दौर
तन्मय की सलामती के लिए दुआओं का दौर भी चल रहा है। पूरे गांव मे लोग पूजा-अर्चना कर उसकी सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। मासूम के मां-बाप उसकी सलामती के लिए घर में पूजा-प्रार्थना कर रहे हैं। तन्मय के साथ पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने मांडवी के गायत्री मंदिर में गायत्री मंत्र का जाप किया।
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