होशंगाबाद/बैतूल/छिंदवाड़ा। होशंगाबाद, बैतूल और छिंदवाड़ा में बुधवार को कई जगहों पर तेज हवा के साथ बारिश हुई और ओले गिरे। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन में बिछ गई, वहीं कटी पड़ी फसल में नुकसान के समाचार हैं। छिंदवाड़ा में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई तो एक बुरी तरह से झुलस गई।
होशंगाबाद: जिले के अनेक स्थानों पर बुधवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच 10 मिनट तक बैर और चने के आकार के ओले गिरे। इसे खेतों में कटने को पककर तैयार खड़ी फसलों में भारी नुकसान हुआ है। तेज हवा और ओले से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। किसानों ने बताया कि ओला से गेहूं को 25 से 30 फीसदी तक नुकसान हुआ है। वहीं डोलरिया, इटारसी, सिवनी मालवा तहसील क्षेत्रों में तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई। डोलरिया तहसीलदार त्योति ढोके ने बताया कि 7-8 गांवों का दौरा करके ओलावृष्टि से हुए नुकसान को देखा है। शासन को जानकारी भेज दी है।
बैतूल के डेढ़ दर्जन गांवों में 20 मिनट तक गिरते रहे आंवले के आकार के ओले
बैतूल। जिले के कई क्षेत्रों में बुधवार को फसलों पर आसमानी कहर बरपा। घोड़ाडोंगरी और शाहपुर तहसील के दो दर्जन से अधिक गांव में सुबह और शाम करीब 4 बजे 20 मिनट तक बैर और आंवले के आकार के ओले बरसे। इससे गेहूं, चना और बटरी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
छिंदवाड़ा में बिजली गिरने से एक की मौत, एक गंभीर, ओले भी बरसे
छिंदवाड़ा। आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओले गिरने के समाचार हैं। तामिया क्षेत्र में करीब 15 मिनट तक ओले गिरने के समाचार हैं। अमरवाड़ा के बांका मुकासा निवासी उर्मिला पति राधेश्याम साहू (46) की बुधवार सुबह बिजली गिरने से मौत हो गई, तो चारगांव निवासी सुखवती बाई पति अंजे बुरी तरह से झुलस गई। महिला का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।
नरसिंहपुर में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि, सिवनी में भी बारिश
नरसिंहपुर/सिवनी। बुधवार को सुबह से देर शाम तक नरसिंहपुर जिले के लगभग सभी हिस्सों में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई पर गाडरवारा, सालीचौका और करेली क्षेत्र में शाम करीब साढ़े 4 बजे सुबह से छाए बादल अचानक बरस गए। बारिश के साथ जमकर हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के अनुसार 10-20 ग्राम से लेकर 50-60 ग्राम तक के ओले गिरे। ओलावृष्टि से फिर एक बार गेहूं-चना की फसल पर जमकर मार पड़ी है। किसानों के मुताबिक कई स्थानों पर कटाई का कार्य चल रहा था, अधिकांश फसलें खड़ी हुई हैं। कई स्थानों पर तो मकानों के कबेलू-खपरे भी क्षतिग्रस्त हो गए। सिवनी में भी बारिश से शहर के अनेक निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम में हो रहे लगातार बदलाव के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर देखने को मिल रहा है। ठंड, गर्मी के साथ बारिश होने से बीमारियों की संभावना बढ़ गई है।
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