ऊर्जा मंत्री के नाराजगी के बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता पीसी निमारे पर गिरी गाज,हुआ तबादला

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  • पदस्थापना से लेकर अब तक विवादों से घिरे रहे  निमारे,विधायक ने भी ऊर्जा मंत्री से की थी शिकायत

सारनी। कार्यालय कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन एवं प्रशासन) मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी में पदस्थ अतिरिक्त मुख्य अभियंता सिविल पीसी निमारे का स्थानांतरण मुख्यालय जबलपुर कर दिया है। जिसके आदेश भी जारी हो गए हैं। गौरतलब है कि 1 दिसंबर को औचक निरीक्षण करने सतपुड़ा ताप गृह पहुंचे ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर को साफ, सफाई समेत अन्य खामियां मिली थी। सतपुड़ा जलाशय में खरपतवार और कालोनियां चोरी होने के मामले को भी ऊर्जा मंत्री ने गंभीरता से लिया। जिस पर ऊर्जा मंत्री ने नाराजगी जाहिर की थी। इतना ही नहीं। पावर हाउस सारनी के क्षेत्रीय चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर ऊर्जामंत्री ने अस्पताल से बाहर निकलते ही अतिरिक्त मुख्य अभियंता सिविल को निलंबित करने संबंधित वार्ता कंपनी के एमडी से की थी। क्षेत्रीय भाजपा कार्यालय में ऊर्जा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा था कि अतिरिक्त मुख्य अभियंता को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। हालांकि बाद में यह जानकारी सामने आई कि अतिरिक्त मुख्य अभियंता को शोकॉज नोटिस दिया गया है। एक पखवाड़े बाद अचानक अतिरिक्त मुख्य अभियंता सिविल का बिना कारण सारनी से मुख्यालय जबलपुर तबादला होना। ऊर्जा मंत्री की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि पावर हाउस दो के ईसीआर में निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री को गंदे मिले टॉयलेट की सफाई स्वयं ऊर्जा मंत्री ने की थी।

शोकाज नोटिस के बाद कार्रवाई का था इंतजार

ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के बाद सतपुड़ा ताप गृह कि सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद हो गई है। दरअसल ऊर्जा मंत्री ने टाइम टू टाइम प्लांट का गेट खोलने और बंद करने के निर्देश दिए थे। जिसे कंपनी प्रबंधन ने गंभीरता से लेकर नोटिस चस्पा कर मंत्री के आदेश का पालन करना प्रारंभ कर दिया है। इसका असर यह हुआ कि अब जो अधिकारी, कर्मचारी ड्यूटी आने जाने में मनमानी किया करते थे। वे अब टाइम टू टाइम नौकरी आ, जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री को और भी कई शिकायतें मिली है। जिसमें दो दशक से अधिक समय से एक ही प्लांट में पदस्थ अधिकारी के मामले भी शामिल है। जिन पर कार्रवाई का इंतजार है ।

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