आमला। आज कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुन्ज हरिद्वार के तत्वाधान में शांतिकुन्ज हरिद्वार के 100 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय तरूपुत्र रोपण महायज्ञ का आयोजन वर्चुअल माध्यम से श्रद्धेय डॉ.प्रणव पंडया, प्रमुख अखिल विश्व गायत्री परिवार, अश्विनी कुमार चौबे माननीय राज्यमंत्री, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, भारत सरकार, डॉ चिन्मय पण्डया माननीय प्रति कुलपति, देव संस्कृति विश्व विद्यालय, हरिद्वार के मार्गदर्शन में हसलपुर रामटेक पर सम्पन्न हुआ। जिसमें आमला विकास खण्ड की विभिन्न पंचायतो से गायत्री परिवार के परिजन पंहूचे जिसमें प्रमुख गायत्री प्रज्ञा मण्डल बोरदेही के रमेश सूर्यवंशी प्रमुख संरक्षक वृक्षगंगा अभियान एवं ठाकुरदास पंवार मुख्य ट्रस्टी गायत्री प्रज्ञा पीठ आमला द्वारा शांतिकुन्ज स्वर्ण जयंती वन का अनावरण किया। इस अवसर पर बैतूल बाजार से गायत्री परिवार के जिला पर्यावरण प्रभारी अमोल पानकर द्वारा अपने उदबोधन में इस पहाड़ी पर पिछले पांच सालों में किये गये वृक्षारोपण में सफलता पुर्वक बढ़ रहे पौधों की जानकारी देते हुए कहा कि उनके द्वारा कोरोना काल में कोरोना के मरीजों को चिकित्सकीय मार्गदर्शन के साथ पीपल के ढाई कोमल पत्ते का काढ़ा सुबह शाम दिया और उसके कुछ समय बाद ही उनके आक्सीजन लेवल में बढ़ोतरी देखी और पाया की उन्हे सामान्य मरिजो की अपेक्षा जल्दी आराम लग गया। अत: पौधो का रोपण वर्तमान दौर में अति अनिवार्य कार्य है।
इस अवसर पर युवा प्रकोष्ठ के जिला प्रभारी अजय पंवार व नर्मदा प्रसाद सोलंकी ,अनूप वर्मा जिला युवा सह समन्वयक, सुनिल सोनी, बब्बु सोनी, उदल पंवार, विनोद बागड़े संतोष कनाठे, मंचित लिखीतकर, गंगाधर माथनकर, रवि सूर्यवंशी, रोहित हारोड़े, मनोज पंवार, धर्मोन्द्र खवसे, देवेन्द्र माकोड़े, विक्रम इथापे, सुनिल लोनारे, आशीष कोकने आदि उपस्थित रहे।
महिला विंग की द्वारका बाई पाटनकर, कान्तु बाई लिखितकर, राधाबाई हारोड़े, कुसुम कनाठे, सावित्री गढ़ेकर आदि बहनो द्वारा इस अवसर पर स्वयं श्रमदान से गड्ढे खोदकर 35 से ज्यादा नीम के पौधे लगाये। ग्राम पंचायत छावल और ससाबड़ के हेमराज दबाके, श्रीराम देशमुख, सुनिल पटैया द्वारा आम के पौधो का रोपण श्रमदान कर किया। ग्राम पंचायत सोमलापुर के सरपंच रवी पंवार अपने साथ नीम के पौधे लेकर आये। गोपेन्द्र बघेल, प्रणव टिकारिया,पल्लव परसाई,प्रशांत तरकसवार ,मनोज बुआड़े, ऋषभ पंवार आदि युवाओं द्वारा श्रमदान कर पौध रोपण किया और भविष्य में लगातार श्रम दान हेतु अपने समय, श्रम और अंशदान का संकल्प दोहराया।
राष्ट्रीय तरूपुत्र रोपण महायज्ञ के माध्यम से भारत के विभिन्न स्थानो पर शांतिकुन्ज स्वर्ण जयंती वन बनाने में जुटा गायत्री परिवार
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