आमला। शहर में जनपद पंचायत आमला द्वारा ग्रामीणों के लिए 23 दुकानों का निर्माण किया गया था यह दुकाने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवकों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार दिलाने के लिए बनाई गई थी दुकान निर्माण के समय से ही क्या दुकान विवादित रही है दुकान निर्माणाधीन के समय दुकान निर्माण को लेकर शहर के युवा संगठन में दुकान में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और अधिकारियों जनप्रतिनिधियों का पुतला दहन भी किया था इसको लेकर जनपद सदस्यों द्वारा जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र देकर जनपद पंचायत द्वारा बनाई गई दुकानों के आवंटन में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है आरोप पत्र में बताया है कि आवंटन करता शिक्षित परिचय एवं बहुत चाहते लोगों की ही दुकाने आवंटित की गई है आरोप पत्र में उल्लेख किया गया है क्या सभी नियम एवं कारणों को ताक पर रखकर दुकाने आवंटित कर दी गई परंतु इस प्रक्रिया कि ना तो जनपद पंचायत सदस्य को कोई जानकारी दी गई और ना ही कोई प्रस्ताव जनपद पंचायत से पारित किया गया इसलिए हम सभी जनपद सदस्य गण इस विषय में जवाब की मांग कर रहे है।


इन बिंदुओं पर हो जांच
जनपद सदस्यों ने आरोप पत्र में प्रमुख 6 बिंदुओं पर जांच की मांग की है जिसमें दुकान आवंटन की सारी प्रक्रिया एवं दुकानों पर वर्तमान कब्जा का भौतिक सत्यापन किया जाए उक्त दुकान किसे आवंटित की गई है उसकी जानकारी दी जाए उक्त दुकान बेरोजगार ग्रामीणों को दी जानी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसकी जांच की जाए सारे नियमों को ताक पर रखकर अपना चाहतों को दुकान दी गई है यह दुकान सीधे साधे लोगों के नाम पर आवंटित करा कर भारी भ्रष्टाचार कर शहरी लोगों के नाम बनाकर कब्जा दे दिया गया जिसकी जांच की जाए यह दुकान अपने सहित लोगों के नाम पर आवंटित कर भारी भ्रष्टाचार किया गया है इन सभी बिंदुओं को संज्ञान में लेते हुए राज कर उचित कार्रवाई की जाए।
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