कृषि वैज्ञानिकों की टीम फील्ड का लगातार भ्रमण करें – कमिश्नर नर्मदापुरम् श्री श्रीवास्तव जैविक खेती को अपनाए कृषक

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  • कमिश्नर ने कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की समीक्षा की

बैतूल। आयुक्त नर्मदापुरम् श्री रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि फसलों को कीट व्याधि के प्रकोप से सुरक्षा हेतु संभाग के जिलों में बनाई गई डायग्नोस्टिक टीम/कृषि वैज्ञानिकों की टीम किसानों के खेतों का लगातार भ्रमण कर किसानों को समसामयिक  उपयोगी सलाह  दें, ताकि किसानों की फसल को क्षति होने से बचाया जा सके। उन्होंने तीनों जिले के उप संचालक कृषि को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को कीटों के प्रकोप से बचाव हेतु समय-समय पर अनाउंसमेंट कराए व दीवार लेखन किया जाना सुनिश्चित कराए। उन्होंने खरीफ सीजन हेतु तीनों जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यूरिया की आपूर्ति आवश्यकतानुसार सतत् रूप से बनी रहे, यह सुनिश्चित करें। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने सोमवार को होशंगाबाद में कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की।
वर्तमान परिदृश्य में जैविक खेती एक बेहतर विकल्प
कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में जहां कोरोना संक्रमण व अन्य गंभीर बीमारियो से सुरक्षा व बेहतर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से जैविक खेती एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने तीनों जिलों के उपसंचालक कृषि को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जैविक खेती को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करें। साथ ही जैविक खेती करने वाले कृषकों को चिन्हित कर उन्हें प्रमोट करें व जैविक कृषि द्वारा उत्पादित गेहूं, धान, दाल व अन्य जैविक खाद्य सामग्रियों को स्वसहायता समूह के सदस्यों के माध्यम से पैकेजिंग व संपूर्ण रूप से तैयार कर उन्हें स्थानीय क्षेत्रों के अतिरिक्त बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर आदि में मार्केट उपलब्ध कराया जा सके।

कृषकों को हार्वेस्टर, थ्रेसर व अन्य कृषि उपकरणों के लिए अनुदान उपलब्ध कराए
कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों को हार्वेस्टर, थ्रेसर व अन्य उपयोगी कृषि उपकरणों के लिए शासन की विभिन्न रोजगार मूलक योजनाओं अंतर्गत अनुदान उपलब्ध कराए। किसानों को कृषि अभियांत्रिकी के द्वारा उन्हें कृषि यंत्रों के चलाने व उनके रिपेयरिंग के लिए प्रशिक्षित किया जाए, ताकि जिलो में अन्य राज्यों से आने वाले ड्रायवर/फोरमेन पर निर्भरता कम की जा सके।

अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करें
कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि तीनों जिले में अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशक का विक्रय करने वाले दुकानदारों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराए। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में एफआईआर की कार्यवाही की गई है, ऐसे प्रकरणों की सतत् मॉनीटरिंग की जाए एवं संपूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

दूरस्थ अंचलों में मृदा परीक्षण सुनिश्चित कराएं
कमिश्नर ने कहा कि संभाग के जिलों में दूरस्थ अंचलों ट्रायवल क्षेत्रों के किसानों की कृषि भूमि का मृदा परीक्षण समय-समय पर किया जाना सुनिश्चित कराए, ताकि मृदा में पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि अधिक मांग वाली फसलों का रकबा बढ़ाए तथा देश-प्रदेश में उन फसलों के खरीददारों को फसलों के क्रय हेतु आकर्षित किया जाए।
बैठक में रामतिल फसल के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि रामतिल फसल पिछले वर्ष 250 एकड़ क्षेत्र में विकासखंड बनखेड़ी में कृषकों द्वारा ली गई थी जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त हुए थे, इसे ध्यान में रखते हुए इस वर्ष ढाई हजार एकड़ में रामतिल की फसल ली गई है। 
गौशालाओं का सतत् निरीक्षण करें
कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने पशुपालन विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओ एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि तीनों जिले में संचालित गौशालाओं का सतत् निरीक्षण किया जाए एवं यह सुनिश्चित करें कि गौशालाओं में पशु निर्धारित संख्या से ज्यादा न हो, साफ-सफाई, पेयजल व पशु आहार पर विशेष ध्यान दिया जाए। गौशालाओं में पशुओं के पालन में लापरवाही न बरती जाए। अनियमितता पाए जाने पर गौशाला संचालकों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। कमिश्नर ने दूध का संग्रहण बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मिल्क रूट तैयार करे एवं दुग्ध उत्पादों की अधिक से अधिक मार्केटिंग कराएं।

मत्स्य पालकों को सतत् प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करें
कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने मत्स्य विभाग के अधिकारियो को निर्देशित किया कि वे मत्स्य पालको को चिन्हित कर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन सतत् रूप से प्रदान करें। मत्स्य पालकों को आदर्श कंडीशन उपलब्ध कराएं, जिससे वे अधिक उत्पादन प्राप्त कर मत्स्य उत्पादन के प्रदेश व नेशनल एवरेज को प्राप्त कर सके। बैठक में जिला मत्स्य अधिकारी बैतूल द्वारा बताया गया कि बैतूल के आमला क्षेत्र के मलकोटा में मत्स्य पालक द्वारा 14 हेक्टेयर क्षेत्र के तालाब में कतला एवं बिगहेड मछली की किस्म को मुर्गी की खाद दी जा रहीे है जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त हुए है।
कमिश्नर ने उपस्थित विभागों की योजनओ एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए  निर्देशित किया कि समन्वय के अभाव में कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे यह सुनिश्चित कराए। साथ ही विभागीय मुद्दों को जिला कलेक्टर की समय सीमा की बैठक में उठाकर उनका समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित कराएं। बैठक में संयुक्त संचालक कृषि, संयुक्त संचालक मत्स्य, संयुक्त संचालक पशुपालन एवं तीनों जिले के उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं जिला मत्स्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

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