- क्षेत्र-जाति समीकरण और सीनियर विधायकों पर फंसा पेंच, भाजपा बदलेगी प्रदेश प्रभारी
भोपाल। मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव कैबिनेट में कौन-कौन से चेहरे होंगे, इस पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण व लोकसभा सीटों के गणित में मामला उलझ गया है। वहीं सीनियर विधायकों को लेकर भी पेंच फंस गया है, इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार फिलहाल टल गया है। मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों को लेकर दिल्ली में आज एक बार फिर बैठक होगी।
इधर, भाजपा प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव को भी हटाने की तैयारी है। वहीं, पूर्व सीएम शिवराज सिंह भी आज दिल्ली जाएंगे, जहां उनकी पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से चर्चा होगी।
प्रहलाद बोले- सत्र के बीच में नहीं होता मंत्रिमंडल विस्तार
मंत्रिमंडल विस्तार की उलझन को सुलझाने के लिए एक और बैठक दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ है। डॉ. यादव ने कहा है कि कल दिल्ली में बैठक हुई है। जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जितनी उनकी समझ है, सत्र के बीच में विस्तार (मंत्रिमंडल) नहीं होता है। ऐसा कोई नियम नहीं है, पर ऐसी मर्यादा रही है। मुझे लगता है इंतजार करना चाहिए।
भाजपा जल्द बदलेगी प्रदेश प्रभारी
भाजपा के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव को हटाने की तैयारी है। उनकी जगह मप्र को जल्द नया प्रभारी मिलेगा। आगामी 22-23 दिसंबर को दिल्ली में भाजपा के सीनियर पदाधिकारियों की बड़ी बैठक रखी गई है, जिसमें प्रभारी का नाम तय हो जाएगा। जिन राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष नहीं हैं, वहां नई नियुक्ति भी हो जाएगी।
विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय आलाकमान ने अचानक राव की दखलंदाजी को कम कर दिया। कई महत्वपूर्ण व निर्णायक बैठकों में वे गैरहाजिर रहने लगे। दिल्ली ने प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव और सह चुनाव प्रभारी अश्विनी वैष्णव को भोपाल में बिठा दिया। अब चूंकि चुनाव हो गए हैं, इसलिए राव की भूमिका को लेकर केंद्रीय नेतृत्व निर्णय लेने वाला है। दिल्ली की बैठक में राव को हटाया जा सकता है।
लोकसभा सीटों के गणित ने उलझाया मंत्रिमंडल का मामला
सीएम डॉ. मोहन यादव कैबिनेट में मंत्रिमंडल की नियुक्ति कुछ दिन टल गई है। अब यह विधानसभा सत्र के बाद संभव है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में सभी संभागों से प्रस्तावित नामों पर चर्चा के बाद यह फॉर्मूला बनाया गया कि जितने भी मंत्री बनें, उससे 29 लोकसभा सीटें कवर हो जाएं। मंत्रिमंडल छोटा होने की वजह से सभी सीटें कवर नहीं हो रहीं।
रविवार रात जेपी नड्डा के घर घंटेभर चला मंथन
इससे पहले रविवार देर शाम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर करीब एक घंटे तक विचार-मंथन चला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव, दोनों डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल मौजूद रहे। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा भी शामिल हुए।
बैठक के बाद बीजेपी के सूत्रों ने बताया था कि मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी मिल गई है और जल्द ही मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। हालांकि, अब एक बार फिर से नामों पर विचार मंथन होगा। माना जा रहा है कि मंगलवार को होने वाली बैठक में नामों की सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक सांसद से विधायक बने राकेश सिंह, प्रहलाद पटेल, रीति पाठक और राव उदय प्रताप सिंह के साथ ही कैलाश विजयवर्गीय को मंत्री बनाया जा सकता है। पहली बार में संभवत: 18 से 20 मंत्री शपथ ले सकते हैं।
इस चुनाव में 33 में से 31 मंत्रियों को टिकट दिया गया था। इसमें से 12 चुनाव हार गए, जबकि 19 मंत्री चुनाव जीतकर फिर विधानसभा पहुंचे हैं।
भोपाल पहुंचे राज्यपाल मंगुभाई पटेल
इधर, राज्यपाल मंगुभाई पटेल सोमवार को भोपाल पहुंचे। तय कार्यक्रम के मुताबिक वे 19 दिसंबर (मंगलवार) को भोपाल आने वाले थे, लेकिन अचानक उनके शेड्यूल में बदलाव हुआ और वे सोमवार को भोपाल पहुंचे।
राज्यपाल के तय शेड्यूल में अचानक हुए इस बदलाव को मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव को शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल अपने गृह राज्य गुजरात रवाना हो गए थे।
13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव ने ली थी CM पद की शपथ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 दिसंबर बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। उनके साथ ही जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल ने डिप्टी CM के रूप में शपथ ग्रहण की थी। शपथ के 6 दिन बाद भी मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हो सका है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि इसका फैसला यशस्वी नेतृत्व करेगा।
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