नईदिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की याचिका क्रमांक SLP 19984 / 2019 के आदेश दिनांक 10/01/2020 के अनुपालन में वे.को.लि. नागपुर द्वारा अनदेखी करते हुए सदस्यता अभियान 2020 में इंटक को शामिल किए जाने की लिखीत शिकायत राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (इंटक) के रीजनल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के माननीय चीफ जस्टिस आप इंडिया से किया !
जिसे माननीय न्यायालय ने 67827/SCI / PIL(E) / 2020 के रूप मे पंजीकृत किया है !
क्या है मामला
इंटक विवाद पर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के इंटक के प्रतिनिधित्व का प्रतिबंधनात्मक आदेश दिनांक 4 जनवरी 2017 जारी होने के बाद इंटक के तीनो ग्रुप (१) ददई ग्रुप (२) तिवारी ग्रुप (३) रेड्डी ग्रुप न्यायालय की शरण में गए किंतु माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश दिनांक 16 अगस्त 2019 को चुनौती देने वे.को.लि.के अध्यक्ष एवं कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष माननीय सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे , माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने वे.को.लि.अध्यक्ष एवं कोल इंडिया लि. के अध्यक्ष की याचिका SLP 19984/2019 पर आदेश दिनांक 10/01/2020 देते हुए यह आदेश दिया इंटक का विवाद माननीय दिल्ली न्यायालय मे लंबित याचिका क्रमांक 384 / 2019 से होना है तथा सदस्यता अभियान 2019 में इंटक की सदस्यता राशि न्यायालय में जमा की जावे जिसके विपरीत जाकर वे.को.लि.अध्यक्ष ने सदस्यता अभियान 2020 में इंटक को शामिल किया जबकि माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक 384 /2019 आज दिनांक तक लंबित है !
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