सारनी। कॉमर्शियल माइनिंग, खदानों का निजीकरण, ठेकेदारी मजदूरो के अन्याय, सीएमपीडीएल का कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी को अलग करना और कोल माइनिंग मे 100 प्रतिशत एसडीआई को लेकर केंद्रीय के पांचो श्रमिक संगठनों ने 14 जून को एक साथ मिलकर संयुक्त मोर्चा बनाया। जिसकी अगवाई भारतीय मजदूर संघ के कोल नॉन कोल प्रभारी डॉ बसंत राय के तत्वधान मे इंटक, एटक, एचएमएस एवं सीटू ने सयुक्त मोर्चा का आव्हान किया और नारा दिया की “कोल उद्योग बचाओ देश बचाओ सरकार की उद्योगनीति मजदूरो के विरोधी हैं”। पाथाखेड़ा क्षेत्र मे भी सयुंक्त मोर्चा बीएमस, इंटक, एटक, एचएमएस और सीटू ने भी शनिवार से द्वार सभा चालू कर दिया। शनिवार को क्षेत्र की सभी खदान और वर्कशॉप पर द्वार सभा लिया गया तवा -1 खदान मे बीएमस के अध्यक्ष प्रकाश राव ने कमर्शियल माइनिंग को लेकर मजदूरो के खिलाफ बताया। एटक के महामंत्री श्रीकांत चौधरी ने बताया की ये मोदी मजदूर विरोधी सरकार है। वही सभा मे इंटक के टीएससी सदस्य सादिक रिज़वी ने अपने वक्ता मे कहा की ये सरकार उद्योगपति, पूंजी पतियों की सरकार है कमर्शियल माइनिंग के नाम पर ये देश की सम्पति, सार्वजानिक उद्योग, रेलवे, एयरपोर्ट, डिफेन्स, पेट्रोलियम, BSNL सब सरकारी उद्योग बेच रही है। वही क्षेत्रीय कर्मशाला की द्वार सभा मे सीटू केवेलफेयर मेंबर कामेश्वर राय ने आज मजदूरो की दुर्दशा बताया और भविष्य पर होने वाली दूर दशा पर नज़र डाला। साथ मे अपनी द्वार सभा मे इंटक के अध्यक्ष आशिक खान ने कहा की अभी लड़ाई अपने अस्तित्व की है और सारे कोल इंडिया के श्रमिक संगठन का नेतर्त्व डॉ बसंत राय साहब कर रहे है हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, की हम हड़ताल सफल बनाये। बीएमस के विजेंद्र सिंह और अशोक चौहान, छतरपुर 1 में इंटक महामंत्री भरत सिंह, लक्मण झरबड़े, विजय मिश्रा, शमशेर, निरापुरे ने सयुक्त मोर्चा को सम्बोधित किया। तवा 2 में अशोक मालवीय, दामोदर मिश्रा, अमृतलाल, एन पुंसे, रेड्डी और
छतरपुर 2 में यासीन खान, ओमकर शुक्ला, हबीब, जगदीश। शोभापुर खान में अशोक बुंदेला, महेंद्र यादव, सुदामा सिंह, इंद्रेश राघुवशी, प्रदीप नागले और सारनी माइन्स मे बीएमएस के रणधीर सिंह ने हड़ताल को सफल बनाने की बात रखी। एचएमएस के महामंत्री अशोक नामदेव ने कहा जीरो कामगार, जीरो उत्पादन जीरो डिस्पेच रखा जायगा सीटू के कलिका प्रसाद, श्याम यादव, राकेश वाइकर, राजेश देशमुख उपस्थित थे और सारे क्षेत्र मे मे हड़ताल को लेकर माहौल गरम है ये लड़ाई कोल उद्योग को बचाने अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है।
सभी खदानों पर द्वार सभा के माध्यम से 3 दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने की कोल श्रमिक संगठनों ने की मांग
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