• जिला स्तर पर 150 से अधिक बाल वैज्ञानिकों ने तैयार की परियोजनाएं

बैतूल। स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक सोच एवं विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों द्वारा स्वयं कुछ करने जैसी विचारधारा को लेकर राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली भारत सरकार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद मध्य प्रदेश शासन, शिक्षा विभाग तथा साइंस सेंटर भोपाल द्वारा आयोजित जिला स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कॉन्फ्रेंस का आयोजन 3 नवंबर मंगलवार को न्यू कार्मल कन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में संपन्न हुआ। आयोजन में प्रमुख रूप से सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग वत्सला शिवहरे, जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री पूनम वरकड़े, कॉलेज प्राध्यापक डॉ बी आर बारस्कर, स्कूल प्राचार्य विनीता नायर उपस्थित रही। बाल वैज्ञानिकों द्वारा सततता के लिए विज्ञान एवं नवाचार विषय पर उत्कृष्ट परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। बाल वैज्ञानिकों द्वारा अपने आसपास की स्थानीय छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर परियोजनाएं बनाई गई।  जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में स्कूली विद्यार्थियों में विज्ञान विषय को रुचिकर बनाने प्रायोगिक विज्ञान को बढ़ावा देना अनिवार्य है। इस तरह के विज्ञान गतिविधियों पर आधारित आयोजनों से विद्यार्थियों का रुझान विज्ञान की ओर बढ़ता है और विद्यार्थी स्वयं कुछ नया करने की ओर आगे बढ़ते हैं। सहायक आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांफ्रेंस के आयोजन से आज जिले के लगभग 300 से अधिक विद्यार्थियों ने विज्ञान विषय की ओर अपनी रुचि दिखाई है, जो विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों को आगे लाने हेतु एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि  विज्ञान को समझना और उसे समाज के लिए उपयोगी बनाना आप सभी बाल वैज्ञानिकों पर निर्भर है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांफ्रेंस के संबंध में जिले के जिला समन्वयक आनीष नायर ने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कॉन्फ्रेंस का आयोजन प्रतिवर्ष होता है जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर यह आयोजन होता है। इसमें 10 से 13 एवं 14 से 17 वर्ष के स्कूली विद्यार्थी विषय अनुसार लगभग दो महीने में अपने आसपास की स्थानीय समस्याओं को लेकर परियोजना बनाते हैं। जिले स्तर से जूनियर समूह से पांच एवं सीनियर समूह से पांच परियोजनाओं का चयन महाविद्यालय के प्रोफेसर एवं स्थानीय वैज्ञानिकों द्वारा किया जाता है, जिसे स्कैनिंग हेतु उच्च कार्यालय भोपाल भेजा जाता है, जहां से सीनियर समूह से तीन एवं जूनियर समूह से दो परियोजना का भोपाल कार्यालय द्वारा चयन किया जाता है, जिन्हें  राज्य  स्तर पर अपनी परियोजना का प्रस्तुत्रीकरण करना होता है। जिला स्तरीय आयोजन में जिले के  45 बाल वैज्ञानिकों ने अपनी परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया। सीनियर एवं जूनियर समूह से 10 परियोजनाओं का चयन किया गया। 20 नवंबर तक राज्य स्तर पर जाने वाली परियोजनाओं का चयन कर जिले स्तर पर सूचित किया जाएगा। आयोजन में विशेष कर बैतूल बाजार, घोड़ाडोंगरी शाहपुर, रानीपुर, मुलताई,  साईंखेड़ा, सोनोरा, चिचोली, अमला सहित विभिन्न विकासखंड में संचालित शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय के बाल वैज्ञानिकों ने सहभागिता की।

By Vishal

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