- हार्ट ब्लॉक में चले गए मरीज की गंभीर थी स्थिति, तत्काल उठाए कदम
बैतूल। डॉक्टरों को यूं ही धरती का भगवान नहीं कहा जाता। यूं तो सामान्य उपचार डॉक्टर करते ही हैं, लेकिन कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि एक डॉक्टर को त्वरित निर्णय लेकर देवदूत की भूमिका निभाते हुए मरीज की जान बचाना पड़ता है। ऐसे निर्णय लेना कई बार खुद डॉक्टरों के लिए जोखिम भरे हो सकते हैं, लेकिन इसकी परवाह किए बगैर कुछ डॉक्टर मरीज की जान बचाने अपना सब कुछ दांव पर लगा बैठते हैं। उनकी यह कोशिशें कामयाब भी होती है और तभी मरीजों और उनके परिजन उन्हें किसी देवदूत से कम नहीं मानते।
कुछ ऐसी ही भूमिका का निर्वहन बुधवार को आमला विधायक, हृदय रोग विशेषज्ञ और संजीवनी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने किया। दरअसल, हुआ यूं था कि आज दोपहर करीब 12 बजे के आसपास लगभग 55 वर्षीय एक मरीज सीने में दर्द की शिकायत के साथ उनके अस्पताल पहुंचा। इसी बीच अचानक मरीज को कार्डियक अरेस्ट आने पर तत्काल सीपीआर देकर उसे सफलतापूर्वक रिवाइव किया गया तथा आवश्यक रक्त पतला करने वाली दवाएं दी गईं।
कुछ समय बाद हो गया हार्ट ब्लॉक
डॉक्टर और स्टाफ ने कुछ राहत महसूस की ही थी कि मरीज कुछ समय बाद पुन: हार्ट ब्लॉक में चला गया, जिसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। ऐसे में मरीज के प्राण बचाने हेतु तुरंत एक्स्टर्नल पेसमेकर लगाने की आवश्यकता पड़ी। त्वरित निर्णय और सफल प्रक्रिया के माध्यम से मरीज को कार्डियक पेसमेकर लगाया गया, जिससे उसका जीवन सुरक्षित किया जा सका। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है तथा वह खतरे से बाहर है।
अत्यंत संतोष और आत्मिक खुशी मिली
इस संबंध में डॉ. योगेश पंडाग्रे बताते हैं कि आज लंबे अंतराल के बाद पेसमेकर का उपयोग कर किसी व्यक्ति के प्राणों की रक्षा की गई। यह मेरे लिए अत्यंत संतोष और आत्मिक खुशी का विषय है। मरीज के प्राणों की रक्षा की इस पूरी प्रकिया के दौरान एमडी डॉ. महिमा सोनवानी तथा संजीवनी हॉस्पिटल के पूरे स्टाफ का सहयोग प्राप्त हुआ।
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