सारनी। कहते है नारी शक्ति यदि ज़िद पर आ जाए तो यमराज से भी अपने पति के प्राण वापस ला सकती है। तो वही ब्रम्हा,विष्णु,महेश त्रिलोक की शक्ति को अपने तपोबल से अबोध शिशु बना शक्ति है। स्वतंत्रता के पहले संग्राम में अपनी शक्ति से अंग्रेजो के दात खट्टे कर सकती है। नारी शक्ति का एक ऐसा ही उदाहरण सोमवार देखने को मिला जब थेलेसिमिया पीड़ित वैष्णवी को ओ नेगेटिव रक्त की आवश्यकता थी। रक्त नही मिल पा रहा था क्योंकि यह रेयर ग्रुप है ऐसे में उड़ान ग्रुप के हेमन्त गुगनानी एक संदेश पर उड़ान ग्रुप की सदस्य श्रीमती रीना शरद जायसवाल ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस ट्रेन से बैतूल आई और अपना ओ नेगेटिव रक्त का दान मासूम बच्ची के लिए किया। इस अवसर पर मां शारदा साहयता समिति के अध्यक्ष पिंकी भाटिया संस्थापक शैलेंद्र बिहारिया ने उन्हें रक्त क्रांति सम्मान दिया और स्टेशन लेने व छोड़ने पहुंचे।
उन्होंने कहा की एक मासूम बेटी की जान बचाने इतनी भीषण गर्मी में ऐसा नारी शक्ति ही कर सकती है। श्रीमती रीना जैसवाल ने बताया कि उन्होंने उनके पति श्री शरद जैसवाल की प्रेणना से प्रेरित होकर रक्तदान किया है। उन्होंने विश्वाश दिलाया कि आने वाले समय मे जब भी रक्त की आवश्यकता होगी वे जरूर पहुचेंगी।

By Vishal

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