प्राइवेट सुरक्षाकर्मी से रात के अंधेरे में मारपीट, आई गंभीर चोट

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सारनी। पाथाखेड़ा पुलिस में एक बार फिर दिनोंदिन चर्चा का विषय बनती जा रही है। क्षेत्र में दिनोंदिन मारपीट की घटनाएं एवं चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन पाथाखेड़ा पुलिस अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर शांति स्थापित करने में असफल साबित हो रही है जिसका नतीजा यह है कि आज अपराधिक छवि के लोग अपने दमखम के साथ किसी से कहीं भी मारपीट कर ले रहे हैं। लेकिन पुलिस चुप्पी साधे हुए उन्हें अभयदान दे रही है। कुछ ऐसा ही मामला पाथाखेड़ा के पुलिस चौकी क्षेत्र का है। जहां एक प्राइवेट सुरक्षाकर्मी को दर्दनाक तरीके से मारपीट की की गई जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं जब मामले की शिकायत पाथाखेडा पुलिस को की गई तो पुलिस ने आवेदन लेकर मामले इतिश्री कर लिया। जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मामले में एफ आई आर दर्ज किया जाना था लेकिन पुलिस ने खानापूर्ति करते हुए पीड़ित को चलता कर दिया। आखिर पुलिस का इस तरह का रवैया कहीं ना कहीं तानाशाही की ओर इशारा कर रहा है। वही प्राइवेट सुरक्षा प्रहरी अर्जुन कसरादे ने बताया कि मैं अपनी कार्यस्थल से वापस आ रहा था तभी अचानक रास्ते में कुछ लड़कों ने मुझे रात में रास्ते में रुका और मुझसे बीड़ी मांगी बीड़ी नहीं देने पर मुझे बेरहमी से पीटा जबकि मेरा कोई दोष नहीं था। मैं चिल्लाता रहा लेकिन मेरी मदद किसी ने नहीं की आखरी में मुझे अर्धमरी हालत में छोड़कर भाग गये। जब मुझे होश में आया तो मुझे अस्पताल लाया जा चुका था बिना किसी वजह के कारण मुझे बेरहमी से पीटा गया है। अगर हम सुरक्षा प्रहरियों के साथ ऐसी मारपीट की जाएगी तो हम दूसरों को सुरक्षित कैसे करेंगे। मैंने इस मामले की शिकायत पाथाखेड़ा पुलिस को लिखित में दिए लेकिन अभी तक इस मामले में कोई भी संतोषजनक कार्रवाई मुझे नहीं दिखाई दी। वही चौकी के प्रधान आरक्षक रामदास ने एक बार फिर दर्दनाक पिटाई से तड़प रहे सुरक्षाकर्मी से बदसलूकी कर दी। जबकि प्रधान आरक्षक रामदास को इस मामले को गंभीरता से ध्यान में रखकर पीड़ित सुरक्षाकर्मी की मदद करनी थी लेकिन वह फटकार लगाने से बाज नहीं आए। आखिर प्रधान आरक्षक का यह रवैया कहीं पाथाखेड़ा पुलिस के लिए दागदार ना बन जाये।

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