बैतूल में ईको पर्यटन की तलाश शुरू: घोघरा वॉटर फॉल पर बनेगी टेल, परम्परगत व्यंजन तैयार करेंगे आदिवासी, दर्शनीय स्थल भी खोजे जाएंगे

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बैतूल। बैतूल के दक्षिण वनमंडल की आमला रेंज में बुधवार को ईको पर्यटन की संभावना तलाशने के लिए वनविभाग के अफसर जंगल मे उतरे। उन्होंने यहां पेड़-पौधों की समझ, जलस्रोतों की जानकारी समेत आदिवासी व्यंजनों पर चर्चा की। क्षेत्र को पर्यटन के लिए विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वन मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद आमला रेंज की मोवाड़ सर्किल के तहत घोघरा घाट में ईकोपर्यटन की संभावना को तलाशने के लिए शिविर का आयोजन किया गया। आयोजन में मुख्य रूप से प्रभारी डीएफओ पुनीत गोयल अपने एसडीओ और वनकर्मियों को लेकर जंगल में उतरे। डीएफओ ने एसडीओ ओर वन कर्मचारियों से इस क्षेत्र में मौजूद पेड़ पौधों की जानकारी ओर समझ को साझा किया। उन्होंने ईकोपर्यटन की संभावना पर बात करते हुए कहा कि यदि यह क्षेत्र ईकोपर्यटन में चयनित हो जाता है, और लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, तब इलाके के लोगों को आदिवासी व्यंजन के लिए भी तैयार करवाया जाए। जिससे उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। शिविर में घोघरा वॉटर फाल के आस-पास 2 किलोमीटर लंबी ट्रेल बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा डीएफओ ने वनकर्मियों को अपनी रेंजो में ऐसे स्थानों का चयन करने के निर्देश दिए। जो स्थान पहुंच से दूर न हो। ऐसे स्थलों के प्रस्ताव बनाकर जिला कार्यालय भेजने को कहा गया।

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