केंद्र सरकार के विद्युत संशोधन अधिनियम 2021 का विरोध – मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम

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सारनी। मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम फ़ॉर पावर एंप्लॉयज एवं इंजीनियर्स के आव्हान पर विद्युत  कर्मचारी अधिकारी आंदोलन की राह पर है। 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में विधुत संशोधन अधिनियम  के विरोध में  काली पट्टी बांधकर कार्य किया जा रहा है। पूरे देश में 15 लाख से अधिक बिजली कर्मचारी एवं अधिकारीयो ने आल इंडिया पावर एमपलाइज एंड इंजीनियर्स के आव्हान पर विद्युत संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे हैं।
यूनाइटेड फोरम के प्रांतीय संयोजक  वी के एस परिहार ने बताया  कि  पिछले्  6 माह से लगातार मध्यप्रदेश शासन से पत्राचार करने  के बाद भी  मध्यप्रदेश शासन एवं कम्पनी प्रबंधन  कुंभकरण की नींद सो रहा है। जिसके कारण विधुत अधिकारी कर्मचारीयो  को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। प्रदेश संयोजक श्री परिहार की अध्यक्षता में चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया। श्री परिहार ने बताया कि सरकार द्वारा लाये जा रहे विधुत संसोधन अधिनियम 2021 के विरोध एवं विधुत अधिकारी कर्मचिरियो की मांगों के निराकरण हेतु एमपी यूनाइटेड फोरम फ़ॉर पावर एंप्लॉय एवं इंजीनियर्स के द्वारा ऑलइंडिया पावर एंप्लॉय एंड इंजीनियर्स कॉर्डिनेशन कमेटी के आव्हान पर आंदोलन कार्यक्रम घोषित किया गया है। 1 अगस्त से काली पट्टी बांधकर विरोध  एवं जन जागरण। 10 अगस्त  को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार ओर मोबाइल बंद रखना। दिनांक 24 अगस्त से 26 अगस्त तक तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार। 6 सितंबर से अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार। उत्पादन  क्षेत्र  सारनी  के  प्रचार  सचिव अंबादास सूने ने बताया कि  7 फरवरी को भोपाल में विशाल रैली  कर विद्युत कर्मचारीयो  ने सरकार को  शांति पूर्ण रूप से  मांगो का समाधान करने का निवेदन करने के  बाद भी सरकार ने  फोरम की  उचित मांगो का समाधान नहीं किया।
कोरोना की दूसरी लहर के कारण यूनाइटेड फोरम ने अप्रेल मे अपना आन्दोलन शिथिल करते हुए  प्रदेश की जनता को कोरोना काल में भी बिजली आपूर्ति नियमित रूप से बनी रहे  कर्मचारी एवं अधिकारीयो ने निर्बाध रूप से विधुत उत्पादन एवं वितरण कार्य किया। विधुत अधिकारी कर्मचारीयो की लंबित मांगों के निराकरण हेतु  यूनाइटेड फोरम के प्रतिनिधि मंडल को म.प्र. शासन के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर द्वारा 15 जुलाई तक मांगो के निराकरण का  आश्वाशन देने  बाद भी कोई परिणाम नहीं निकला। शासन एवं कम्पनी प्रबंधन के द्वारा की जा रही  उपेक्षा के  कारण विधुत अधिकारी कर्मचारी आउटसोर्स श्रमिक, एम पी यूनाइटेड फोरम फ़ॉर पावर एंप्लॉय एवं इंजीनियर्स के आव्हान पर विद्युत संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे हैं। इस मौके पर काली पट्टी बांधकर अधिकारी कर्मचारीयो द्वारा विधुत संशोधन अधिनियम का  विरोध किया।  सारनी एरिया फोरम के नवनियुक्त संयोजक कुंदन सिंह राजपूत ने बताया कि  फोरम के  सहयोगी संगठन मिलकर सरकार की कर्मचारी अधिकारियों  विरोधी नीतियों   का विरोध किया जाएगा। इस मौके पर मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के एमएल सोनी, सुनील विभाडया,  मजदूर  कांग्रेस  के  डीडी देशमुख, तकनीकी संघ  के  बीआर घोड़की, अभियंता संघ के कुंदन सिंह राजपूत , कपिल बंसोड, प्रभात तिवारी, रूपेश चोरे, आशीष मानकर, राहुल विश्वकर्मा, आनंद कुमार, जकारिश इब्राहिम, रोहित कुमार सहित विधुत मंडल कर्मचारी यूनियन के  अंबादास सूने  , परमानंद , धर्मेश मालवीय सहित अनेक  कर्मचारी  उपस्थित थे।

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