बैतूल। अपने दो दिनके प्रवास पर सतपुडा टाइगर रिजर्व पहुच रहे मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को भी आज इन्तेजार से रूबरू होना पड़ा। यह इन्तेजार था एक रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन के गुजरने का। धपाड़ा जाने के लिए भौरा से आगे ढोढरामोहार के पास एक रेलवे लाइन क्रॉस करनी पड़ती है। जिसके बाद धपाड़ा पहुचा जाता है। सीएम का काफिला आज जैसे ही इस क्रासिंग के पास पहुचा। भौपाल नागपुर रेल लाइन पर एक मालगाड़ी आने के कारण रेलवे गेट बंद कर दिया गया। जिसके कारण सीएम के काफिले को रेल गेट पार करने के लिए करीब 15 मिनट इन्तेजार करना पड़ा। इस गाड़ी के रवाना होने के बाद गेट खुला तब कहीं सीएम धपाड़ा के लिए रवाना हो सके।
युवा हुए मायूस
मुख्यमंत्री की इस यात्रा को लेकर इलाके में खासा उत्साह है। जबकि मुख्यमंत्री को मामा के तौर पर स्नेह देने वाले युवा बेहद रोमांचित थे। लेकिन उन्हें तब मायूस होना पड़ा जब सीएम के काफिले के रुकने के बावजूद उन्हें देखकर भी सीएम अपने वाहन से नही उतरे। युवाओं को उम्मीद थी कि समय मिलने के कारण शायद मामा यहां उतरकर उनसे मुलाकात करेंगे।लेकिन ऐसा हो नही सका।जिससे युवा मायूस हो गए।आपको बता दे कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान अपने दो दिवसीय निजी प्रवास पर बैतूल के पास बोरी अभ्यारण पहुच गए है। वे यहां परिवार के साथ कल शाम तक ठहरेंगे। सड़क मार्ग से धपाड़ा पहुचे मुख्यमंत्री यहां गोल्डन मार्क रिजॉर्ट में ठहरेंगे। संभावना है कि वे कल सुबह सतपुडा टाइगर रिजर्व के तहत आने वाले बोरी अभ्यारण में प्रकृति का नजारा देखने परिवार सहित जाएंगे। फिलहाल वे रात्रि विश्राम धपाड़ा के रिसोर्ट में करेंगे। यहां गोल्डन मार्क और बोरी रिजॉर्ट में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है।इसके पहले मुख्यमंत्री यहां सड़क मार्ग से पहुचे। जबकि उनका परिवार यहां पहले ही पहुच चुका था। मुख्यमंत्री के इस निजी प्रवास को मुकम्मल बनाने के लिए प्रशासन ने चाक चौबंद तैयारियां की है। उनके यहां हेलीकाप्टर से पहुचने की संभावना के मद्देनजर भौरा के हाईस्कूल ग्राउंड पर हेलीपैड बनाये गए थे।लेकिन वे सड़क मार्ग से यहां पहुचे।
मुख्यमंत्री को भी करना पड़ा इन्तेजार,जब रोकना पड़ गया काफिला
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