सारनी। फरवरी तक पूरे देश मे जिस गति से कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हो रही थी उससे हम ऐसा सोचने लगे थे कि कोरोना पर नियंत्रण पा लिया गया है और अब वह समाप्ति की ओर है लेकिन हमारी यही सोच खतरनाक साबित हुई क्योंकि इससे हम थोड़ा लापरवाह हो गए और वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और केंद्र तथा राज्य सरकारों की तमाम चेतावनियों, निर्देशो को भूलकर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानियों को भी नजरअंदाज करने लगे।इसका परिणाम यह हुआ कि मार्च आते-आते कोरोना की एक नई लहर फिर से शुरू हो गई है वह भी पहले से ज्यादा मजबूत होकर।अब जिस गति से लोग संक्रमित हो रहे हैं उसने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिया है और अब तो हालत यह है कि ना चाहते हुए भी सरकारों को फिर से पिछले साल जैसे लॉकडाउन की स्थिति में जाना पड़ रहा है और अस्पतालों में बेड मरीजों से भरे पड़े हैं, मृत्यु दर भी पिछली बार की तुलना में अधिक है।लेकिन अभी भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नहीं हुई है अभी हमारी सुरक्षा हमारे हाथों में हैं।जब तक बहुत जरूरी ना हो हम घर से बाहर ना निकले अगर बाहर निकले भी तो मास्क लगाकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करें। जो लोग कोविड-19 का टीका  लगवाने के दायरे में आ चुके हैं वे टीका जरूर लगवाएं।
सरकार प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए बचनबद्ध है लेकिन अपना ख्याल रखना हमारी स्वंय की जिम्मेदारी है और कोविड19 की इस भीषण महामारी के दौर में हमे अपनी जिम्मेदारी का पालन करना ही होगा।

By Vishal

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