बैतूल। बैतूल में करोड़ों लोगों को वैक्सीनेटेड कर दिए जाने के दावों के बीच मृतकों को भी वैक्सीन लगाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। बैतूल में आठ महीने पहले कोरोना से जान गंवा चुकी एक वृद्धा को वैक्सीन का सेकंड डोज लगाए जाने का ऐसा ही दिलचस्प मामला सामने आया है।
वृद्धा के परिजन स्वास्थ्य विभाग के उस मोबाइल मैसेज से हैरान है, जिसमें वृद्धा को 10 नवंबर को सेकंड डोज लगा दिए जाने और पूरी तरह वैक्सीनेटेड होने का प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया है। जबकि वे 27 अप्रैल को ही मौत हो चुकी है।
बैतूल के सदर इलाके में रहने वाले कलर व्यवसायी आलोक तिवारी और उनका परिवार पिछले 10 नवंबर को मिले उस मैसेज से हैरान है, जिसमें दिवंगत केसर बाई को सेकंड डोज लगाए जाने का उल्लेख करते हुए उन्हें फुल्ली वैक्सीनेटेड बता दिया गया है। उनके पौत्र सागर के मुताबिक उनकी दादी को वैक्सीन का पहला डोज 3 अप्रैल को लगाया गया था। लेकिन सेकंड कोरोना वेव में वे संक्रमित हो गई और 27 अप्रैल को उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लेकिन आठ दिन पहले उन्हें मैसेज मिला कि उनकी दादी को सेकंड डोज लगा दिया गया है। जबकि वे इस दुनिया में ही नहीं है।
इस मामले में सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी ने भास्कर से कहा कि उनके संज्ञान में मामला लाया गया है। वे इसकी जांच करवाएंगे। देखना होगा कि यह पोर्टल की गलती है या नाम की कोई मिस्टेक है। अगर यह जान-बूझकर किया गया है, तो वे इसकी जांच करवाएंगे।
+ There are no comments
Add yours