67 लाख की सड़क से निकल रहा डामर हुआ जगज जगह गड्ढे

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  • वार्डवासी बोले- पिघलकर कीचड़ की तरह पैरों में चिपक रहा डामर

आमला. सडक़ निर्माण और उसकी गुणवत्ता को लेकर नगरपालिका कितना गंभीर है, इसका उदाहरण शिवाजी वार्ड बंधा रोड मोक्षधाम मार्ग को देखकर लगाया जा सकता है, जहां मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना की हाल में सडक़ बनाई गई है। इस सडक़ पर बिछाया गया डामर निकल रहा है। जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ठेकेदार ने किस गुणवत्ता से इस सडक़ का निर्माण किया है। दरअसल 67 लाख से शिवाजी वार्ड बंधा रोड मोक्षधाम मार्ग का निर्माण हुआ है। हाल ही में बनी इस सडक़ पर ठेकेदार ने जमकर लापरवाही की। गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने से सडक़ निकल रहा है। सडक़ पर डामर बिछाते वक्त भी मापदंडो का ख्याल नहीं रखा गया। कहीं डामर पतला है तो कहीं-कहीं पर डामर की परत मोटी डाली गई है। डामर की क्वालिटी भी ठीक नहीं है। जिसके कारण यह डामर कीचड़ की तरह लोगों के पैरों में चिपक रहा है। लोगों का कहना है कि 20 साल से इस सडक के निर्माण के लिए आमजनता मांग कर रही है। कांग्रेसियों ने आंदोलन भी किया। फिर भी सडक निर्माण में गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस की ही नगर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। वार्डवासियों का कहना है कि पहले ही नगर पालिका ने गुणवत्ता का ध्यान नही रखा गया। सड़क पर रोलर भी नही चलाया गया। डामर नही डाला गया डामर के नाम पर डामर का लिक्विट डाला गया है। इस वजह से जगह जगह से डामर निकल गया है। ऐसा ही हाल रहा तो बारिश में सड़क पूरी तरह से उखड़ जायेगी।

ऐसी सडक कब तक चलेगी, पता नहीं

सडक निर्माण में गुणवत्ता को लेकर लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सडक निर्माण में जिस तरह से लापरवाही सामने आ रही है, उससे यहीं लगता है कि सडक कब तक चलेगी, बता नहीं सकते है। वार्ड वासियों ने बताया कि ठेकेदार ने नकली डामर का उपयोग किया, अन्यथा डामर इस तरह से नहीं पिघलता है। वार्ड के अलावा भी कई सडक़े डामर से बनी है, लेकिन उन सडक़ो का डामर इस तरह से नहीं पिघल रहा है। डामर को देखकर ही पता चलता है कि यह नकली है। लेकिन नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। जिससे कम समय में ही सडक़ खराब हो जायेगी और आमजनता को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

वार्डवासियों ने बताई अपनी समस्या

(1) शुरूआती दौर में भी सडक़ की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े किये गये थे, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा है। नगरपालिका के जिम्मेदारों की अनदेखी ही इसके लिए जिम्मेदार है। जिस वजह से ठेकेदार की मनमानी हावी है। सडक़ निर्माण की सूक्ष्मता से जांच होनी चाहिए।

-भरत रावत ,वार्डवासी

(2) प्रत्येक सडक के निर्माण के कुछ पैमाने होते है। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा सडक की उपयोगिता के आधार पर मापदंड तय करते है और उसी के अनुरूप काम होना चाहिए, ताकि सडक का लाभ लोगों को मिल सके। ठेकेदार द्वारा अब भी पुरानी तकनीक से सडक का निर्माण किया जा रहा है।

-आकाश यादव, वार्डवासी

(3) हाल ही में इस सडक़ का निर्माण हुआ है और अभी से सडक़ के यह हाल है, तो आने वाले समय में क्या होगे, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सडक़ पर डामर भी कहीं पतला तो कहीं मोटा बिछाया है। चलने पर डामर कीचड़ की तरह पैरों में चिपकता है।

-शुभम साहु, वार्डवासी

(4) सडक जिस गुणवत्ता के हिसाब से बनना चाहिए,वह नहीं है। कई जगह झील तो कई जगह ऊंच-नीच जैसी स्थिति दिख रही है। इस सडक पर यातायात का दबाव ज्यादा रहता है, क्योंकि इसी सडक पर स्कूल और मोक्षधाम भी है। जिससे आवाजाही निरंतर लगी रहती है। सडक़ की गुणवत्ता को लेकर समझौता नहीं करेगे।

-नवीन पंवार, वार्डवासी

इनका कहना है…
वार्डवासियों ने सडक के संबंध में मेरे पास शिकायत की है। कल ही उपयंत्री को निर्देश दिए गए है कि सडक की जांच कर ठेकेदार पर नियमानुसार कारवाई की जाए। अगर सडक़ का कार्य गुणवत्तापूर्ण नही हुआ है तो ठेकेदार की अमानत राशि नही दी जाएगी।
-नितिन गाडरे, अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद आमला
डामर की मात्रा ज्यादा है इस लिए ऐसा हो रहा है बारिश होने पर डामर सेट हो जायेगा
-निकलेश हरोडे ठेकेदार नपा आमला

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