- सोमवार दोपहर सीएमओ ने कांग्रेस के नगर परिषद अध्यक्ष,उपाध्यक्ष और कॉंग्रेसी पार्षद नेताओ के साथ 4 घण्टे की गुप्त बैठक
घोड़ाडोंगरी. नगर परिषद घोड़ाडोंगरी अपने नए नए कारनामे के लिए प्रतिदिन सुर्खियों में है जब से नगर परिषद गठित हुई और चुनाव के बाद परिषद में कॉंग्रेसियो का कब्जा हुआ तब से नित नए कारनामों का उजागर होने आमबात हो गई है क्योंकि विकास और ख़रीदी के नाम पर जिस तरह लूटमार हो रही है उससे तो यही प्रतीत होता है कि यहां जितने भी सीएमओ आये उन्होंने चुनिंदा लोगो के साथ मिलकर जनता के हितों को लात मार कर अपनी जेब भरकर नगर परिषद को चारागाह समझ के रख लिए है क्योंकि जनता की मूलभत सुविधाओं और समस्याओं से न तो अधिकारी को मतलव है न वहां के कर्मचारियों को और इस पूरे मामले में नगर परिषद में कब्जा कर के बैठी कांग्रेस तो मान के चलो कोमा में चली गई है क्योंकि जिस तरह वर्तमान सीएमओ ऋषिकांत यादव कई दफा सार्वजनिक रूप से कॉंग्रेसियो जनप्रतिनिधियों को खुलेआम अवलेहना करते थे आज वही कॉंग्रेसी सीएमओ के लोभलुभावन बातों में आकर जनता के हित को ठोकर मारकर अपना उल्लू सीधा करने में लगे है हमारे सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि भाजपा पार्षदो ने पिछले दिनों सीएम हेल्पलाइन में हो रहे फर्जी शिकायत की जांच को लेकर उच्च स्तरीय शिकायत की थी शिकायत के बाद शनिवार जांच दल ने आकर जांच में कर्मचारियों से बयान लिए थे और इस जांच में जब कर्मचारियों को अपने गले मे फंदा डलता हुआ दिखा तो सबने हाँथ खड़े करते हुए दूसरे कर्मचारियों पर झूठी शिकायत का आरोप लगाते नजर आए और खुद की गलती के लिए माफी मांगते दिखे बताया जाता है कि ग्रेडिन बढ़ाने के चक्कर मे सीएमओ साहब द्वारा कर्मचारियों से झूठी शिकायत करवा कर निराकरण दर्शाया जाता था और शिकायत बन्द कर दी जाती थी जिससे जो सही को शिकायत होती है उस तरफ़ सीएमओ साहब का ध्यान ही नही जाता और जनता अपनी समस्या हल।करवाने ठोकरे खा कर ही रह जाती है.
जब इस पूरे प्रकरण में सीएमओ साहब जब फंसते हुए दिख रहे है और 6 तारीख के बाद आचार सहिंता के समाप्ति के बाद भाजपा पार्षदो के एक्शन में आने और मुख्यमंत्री और मंत्री से शिकायत की पूरी तैयारी देख कड़ी कार्यवाही होने के डर से अब सीएमओ साहब ने नया पैतरा फेकने की योजना बना ली है बताया जाता है कि पूर्व में नगर परिषद की अध्यक्ष द्वारा सीएमओ की शिकायत की गई थी उसने सीएमओ दोषी पाए गए थे और अनुशात्मक कार्यवाही के लिये नोटशीट आयुक्त के पास जा चुकी है अब सीएमओ साहब ने बचने के लिए नया पैतरा फेक सोमवार को कॉंग्रेसियो पर डोरे डालने का काम चालू कर दिया है बताया जाता है कि सोमवार को सीएमओ ने कॉंग्रेसी नगर परिषद के अध्यक्ष उपाध्यक्ष और कॉंग्रेसी पार्षदो के साथ बैठक कर उन्हें कोटेशन दर पर कुछ निर्माण कार्य और 3 हजार रुपये प्रतिमाह देने का लालच दिया है और कॉंग्रेसियो से इसके बदले खुद का सपोर्ट करने का निवेदन किया है बताया जाता है कि इस बैठक में यह भी तय किया गया कि पूर्व की शिकायत को बंद करवाने के लिए पत्र लिखववाकर शिकायत को बंद करने को भी योजना पर चर्चा की गई.
लेकिन अब ये देखने मे खासा दिलचस्प रहेगा कि सत्ता में आसीन भाजपा के पार्षद गण अपने मुख्यमंत्री ,मंत्री विधायक ,सांसद और वरिष्ठ नेताओं के साथ नियमो को ताक में रखने वाले सीएमओ को रवागनी करा पाते या नही या फिर प्रदेश और देश मे विपक्ष में बैठी सुस्त पड़ी कॉंग्रेसियो की शरण मे जाकर जनता के पैसो का बंदरबाट कर अपनी जेब भरने का काम निरन्तर करते रहेंगे क्योंकि जिस तरह प्रतिमाह 3 हजार देने का लालच दिया जा रहा है और पूर्व में भी फर्जी हाजरी भरकर लगभग 70 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मोटी रकम निकाली गई सभी कही न कही लाखो का चूना शासन को लगा और अब जब इस तरह फिर सीएमओ ने अपना जाल फेंककर कांग्रेस के प्रतिनिधि के सामने दाने डाले है उससे क्या परिणाम निकलेगा ये आने वाला समय ही बताएगा. लेकिन इस पूरे प्रकरण में अभी एक बात जरुर निकल के आई कि घोड़ाडोंगरी की जनता ही सोई है जो प्रतिदिन हो रहे कारनामे को खुला आंखों से देखकर भी आंख बंद करके बैठी है.
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