सारनी। वन्य प्राणियों और प्रकृति के संरक्षण का कार्य कर रहे सारनी के आदिल खान को दो दिन पुर्व उन्हें सारनी के नज़दीकी जंगल में एक दुर्लभ छिपकली मिली हैं, जिसको “सतपुड़ा लियोपर्ड गेको” के नाम से जाना जाता हैं। जिसके बारे में आदिल ने बताया की यह छिपकली मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में पायी जाती है, इनकी मौजूदगी सतपुड़ा के जंगलों में अधिक पाई जाती है। यह रात के समय एक्टिव होती हैं और कीड़े मकोड़े इनका मुख्य भोजन हैं। उन्होंने बताया दिखने में यह छिपकली बेहद आकर्षक होती हैं, खतरा महसूस होने पर यह छिपकली तेज़ी से भाग जाती हैं या तेज़ आवाज़ निकालती है। आदिल ने बताया की सुनसान इलाके में इनकी आवाज़ किसी को भी हैरान कर सकती हैं, यह छिपकली लगभग 20 सेंटीमीटर तक बड़ी हो सकती है। बारिश के शुरुआती दिनों में सारनी शहर के जंगलों के पास के रिहायशी इलाकों में भी यह मिल सकती हैं। आदिल ने बताया की यह छिपकली विषहीन होती हैं और इंसानो को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाती। बैतूल के सतपुड़ा जंगलों में इनकी मौजूदगी अच्छी जैव विविधता के संकेत देती हैं।
हाल ही में उड़ने वाली दुर्लभ गिलहरी की तस्वीरें भी रिकार्ड की
आदिल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बताया कि सारनी के जंगलों में कुछ ही दिन पहले उन्होंने ने उड़ने वाली गिलहरी की तस्वीरें भी ली हैं। यह भी दुर्लभ होती हैं व घने जंगलों में पाई जाती है। आदिल ने बताया की यह गिलहरी एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर छलांग लगा कर गलाइड़ करती हैं, इसलिए ये घने जंगल वाले क्षेत्रों में पाई जाती है, यह निशाचर प्राणी हैं। आदिल बताते हैं पहले सारनी के रिहायशी इलाकों में घने व बड़े पेड़ो पर इनकी मौजूदगी अच्छी संख्या में हुआ करती थी परंतु पेड़ो की अधिक कटाई होने के चलते इन्हें रिहायशी इलाकों में देखना अब मुश्किल हो गया हैं। सारनी क्षेत्र के लोग इन्हें उड़ने वाली बिल्ली नाम से जानते हैं, जबकि वास्तव में यह उड़ने वाली गिलहरी हैं।
आदिल को कोरोना योद्धा का सम्मान
कोरोना वायरस के फैलने के बाद लगे लाॅकडाउन में भी लगातार वन्य जीवों का संरक्षण करने, साँपों को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ने व पर्यावरण और जीव रक्षा में लगातार महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु सारनी के आदिल खान को राजस्थान की “वाइल्ड एनिमल एंड नेचर रेस्क्यू सोसाइटी” ने कोरोना योद्धा सम्मान पत्र से सम्मानित किया हैं। इस पर खुशी व्यक्त करते हुए आदिल ने कहा की इस तरह के सम्मान से लगातार बेहतर तरीके से कार्य करने का हौसला बढ़ता हैं।