20 सरहदों के लिए बैतूल से रवाना हुई 4 हजार राखियां

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  • राष्ट्र रक्षा मिशन कोरोना संक्रमण काल में भी निभाएंगा संकल्प

बैतूल। कारगिल युद्ध के बाद से रक्षा बंधन का पर्व देश की सरहदों पर मनाने वाली संस्था से जुड़ी बहने इस वर्ष रक्षा बंधन का पर्व सरहद पर प्रत्यक्ष रूप से पहुंचकर नहीं मना पाएंगी। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति राष्ट्र रक्षा मिशन द्वारा 20 वर्ष पहले शुरू की गई परंपरा कोरोना संक्रमण काल में भी निभाई जाएगी। भले ही बैतूल की बेटियां इस वर्ष 3 अगस्त को देश की किसी सरहद पर नहीं पहुंच रही है, लेकिन उनकी राखियां रक्षा बंधन के पर्व पर हजारों सैनिकों की कलाई पर सजेगी। समिति द्वारा देश की उन 20 सरहदों पर 4 हजार राखियां जवानों के लिए रजिस्टर्ड डाक से भेजी जा चुकी है जहां रक्षा बंधन का पर्व पूर्व में मनाया गया है।
वैश्विक महामारी कोरोना ने त्यौहारों पर भी ग्रहण लगा दिया है। जिले में कलेेक्टर द्वारा त्यौहारों को घर में ही मनाने संबंधी निर्देश जारी किए है। ऐसे में बैतूल की वे बेटियां जो 20 वर्षों से रक्षा बंधन का पर्व देश की अंतर्राष्ट्रीय सरहदों पर मनाती आ रही है उन्होंने हार नहीं मानी। बैतूल से शुरू हुई सीमा को समाज और समाज को सीमा से जोडऩे का संकल्प इस वर्ष भी समिति द्वारा निभाया जा रहा है। फर्क बस इतना है कि इस बार बहने स्वयं रक्षा बंधन पर सरहद न पहुंचकर अपनी राखियां सैनिक भाईयों के लिए भेज रही है।
इन सरहदों के लिए भेजी राखियां
बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष गौरी पदम ने बताया कि कारगिल युद्ध के बाद से समिति द्वारा 19 सरहदों पर तैनात सैनिकों के साथ रक्षा बंधन मनाया है। कोरोना संक्रमण काल की वजह से सरहदों पर जाना संभव नहीं है। इसलिए समिति द्वारा 20 सरहदों पर 4 हजार राखियां रजिस्टर्ड डाक से भिजवाई गई है। 20 सरहदी क्षेत्रों में बीएसएफ, आर्मी एवं आईटीबी के हेडक्वार्टर पर डीआईजी एवं कमांडिंग ऑफिसर के नाम से राखियां भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त से पहले ही सभी क्षेत्रों में राखियां पहुंच जाएगी और बैतूल की बेटियों का संकल्प एक बार फिर पूरा होगा। समिति द्वारा बीएसएफ, बाघा, हुसैनीवाला, जैसलमेर, बिकानेर, भुज-कच्छ, अगरतला, गोकुलनगर, बारामुला, बीएसएफ फ्रंटीयर जम्मू, बीएसएफ फं्रटीयर कश्मीर, सांभा, बीएसएफ अकादमी टेकनपुर, आईटीबीपी लोहाघाट, आर्मी स्टेशन फिरोजपुर सहित अन्य स्थानों के लिए राखियां पोस्ट की गई है। समिति के पदाधिकारी भारत पदम, ईश्वर सोनी, जमुना पंडाग्रे, भारती झरबड़े, सदस्य वंश पदम, नितिन वागद्रे, सुमीत नागले, अदिति पंडाग्रे, नीलम वागद्रे, हर्षित पंडाग्रे, अंकिता पंडाग्रे, रजत यादव, सुदामा धोटे, शिवानी मालवीय, डॉ.सोनल डागा, पूर्वी वागद्रे, तेजस वागद्रे, हर्षभा चौरासे, माधुरी पुजारे, मंजू  लंगोटे प्रसाद, नेहा दरवाई, अरूण सूर्यवंशी द्वारा राखियां तैयार कर पोस्ट करने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सेनिटाईज राखियां और रूमाल की जगह भेजे मास्क
कोरोना संक्रमण काल में जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समिति द्वारा सेनिटाईज राखियों के अलावा मास्क भी सरहदों पर भिजवाएं गए है। ओम मेडिकल स्टोर्स के संचालक दीपू सलूजा एवं औषधी विक्रेता संघ के अध्यक्ष मंजीत सिंह सहानी द्वारा भेंट किए गए मास्क सैनिक भाईयों के लिए सेनिटाईज राखियों के साथ भेजे गए है। विभिन्न सरहदों पर राखियां भिजवाने के लिए पोस्ट मास्टर विनोद विश्वकर्मा एवं पूरे स्टॉफ का सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके लिए समिति द्वारा आभार व्यक्त किया गया। 

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